इस वर्ष शताब्दी वर्ष होने के कारण पिछले वर्षों की तुलना में तीन गुना अधिक यानी लगभग 21 हजार स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में विजय दशमी समारोह में हिस्सा लेंगे। 1995 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयादशमी उत्सव नागपुर के रेशमबाग मैदान में मनाया जाता रहा है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का विजयादशमी समारोह बृहस्पतिवार को नागपुर के रेशमबाग में होगा जहां संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत का मुख्य भाषण होगा। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष विजयादशमी समारोह में मुख्य अतिथि हैं। कोविंद बुधवार को ही नागपुर पहुंच गए।
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पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद नागपुर पहुंचने के बाद दीक्षाभूमि गए, जहां संविधान के मुख्य वास्तुकार डॉ. बीआर आंबेडकर ने 1956 में बौद्ध धर्म अपनाया था। पूर्व राष्ट्रपति ने दीक्षाभूमि पर प्रार्थना की। कोविंद बृहस्पतिवार को यहां आरएसएस की विजयादशमी रैली में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर संघ के शताब्दी वर्ष समारोह का भी आयोजन होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देश भर में एक लाख से ज्यादा हिंदू सम्मेलनों समेत कई कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इसकी शुरुआत दो अक्तूबर को यहां संगठन के मुख्यालय में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के वार्षिक विजयादशमी संबोधन से होगी। केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में 17 लोगों की उपस्थिति में विजयादशमी के दिन आरएसएस की स्थापना की थी। 17 अप्रैल, 1926 को हुई एक बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नाम तय किया गया था। संघ का पहला पथ संचलन 1926 में पहले विजयादशमी उत्सव के दिन प्रारंभ हुआ था।
21 हजार से अधिक गणवेशधारी स्वयंसेवक महोत्सव में लेंगे हिस्सा
इस वर्ष शताब्दी वर्ष होने के कारण पिछले वर्षों की तुलना में तीन गुना अधिक यानी लगभग 21 हजार स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में विजय दशमी समारोह में हिस्सा लेंगे। 1995 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयादशमी उत्सव नागपुर के रेशमबाग मैदान में मनाया जाता रहा है। इससे पहले यह उत्सव कस्तूरचंद पार्क में आयोजित होता था। इस कार्यक्रम में घाना, थाईलैंड, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका आदि देशों के लगभग 50 से 60 प्रतिनिधि उपस्थित रहने की संभावना है।