अंडमान द्वीप समूह के पास एक नाव में कई रोहिंग्याओं के कई दिनों से फंसे होने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाव में फंसे रोहिंग्याओ की संख्या 100 के करीब हो सकती है। इतना ही नहीं, इनमें से कई की हालत तो प्यास, भूख से मरने जैसी हो गई है। म्यामांर के दो रोहिंग्या समूहों ने इसके बारे में जानकारी दी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार की देर रात फंसी हुई नाव ने भारतीय जहाजों से मदद के लिए संपर्क भी किया था। वहीं, भारतीय नौसेना के एक प्रवक्ता ने इसके बारे में कोई भी जानकारी होने से इंकार कर दिया है।
वैश्विक मानवाधिकार समूहों ने इस मामले में चिंता जाहिर की है। मानवाधिकार समूह 'द अराकान प्रोजेक्ट' की निदेशक क्रिस लेवा ने इसके बारे में चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ये भयानक और अपमानजनक है। वहीं, एशिया पैसिफिक रिफ्यूजी राइट्स नेटवर्क के रोहिंग्या वर्किंग ग्रुप ने रोहिंग्याओं के बारे में बताते हुए कहा कि अंडमान के पास फंसा रोहिंग्याओं का समूह दो सप्ताह से अधिक समय से भटक रहा था।
एशिया पैसिफिक रिफ्यूजी राइट्स नेटवर्क के रोहिंग्या वर्किंग ग्रुप की अध्यक्ष लिलियन फैन ने बताया कि उन्हें भारतीय नौसेना से उम्मीद है कि वे उनकी मदद करेंगे। पता चला है कि उनके समूह के 16 लोग पहले ही मर चुके हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में ऐसे ही एक मामले में श्रीलंका की नौसेना ने सौ से अधिक रोहिंग्या को ले जा रही एक अन्य नाव को बचाया था।