विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की 50वीं सालाना बैठक में इस बार देश की 100 कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के अलावा दो केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल व मनसुख मंडाविया भी हिस्सेदारी करेंगे। इसके अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के भी इस आर्थिक मंच पर अपने-अपने राज्य के लिए निवेश जुटाने के माध्यम से बैठक में शिरकत करने की संभावना है।
हालांकि इन सभी के नाम की पुष्टि स्विट्जरलैंड के मशहूर पर्यटन स्थल दावोस में अगले साल 20 से 24 जनवरी तक होने जा रही बैठक से कुछ दिन पहले जारी होने वाली आधिकारिक सूची के बाद ही हो पाएगी। इस बैठक में पूरे विश्व के करीब 3000 शक्तिशाली नेताओं और अमीरों की उपस्थिति की संभावना है। इस बार बैठक का विषय ‘संसक्त व स्थिर विश्व के साझीदार’ रखा गया है।
बैठक में भाग लेने वाले प्रमुख भारतीय कारोबारियों व अन्य हस्तियों में गौतम अडानी, मुकेश अंबानी, राहुल व संजीव बजाज, कुमार मंगलम बिड़ला, टाटा समूह के एन.चंद्रशेखरन, सज्जन जिंदल, उदय कोटक, भारतीय स्टेट बैंक के रजनीश कुमार, आनंद महिंद्रा, सुनील व राजन मित्तल, रवि रुइया, पवन मुंजाल, नंदन नीलेकणि, सलिल पारेख, एचसीएल टेक के सी. विजयकुमार, अजय पीरामल, रिशद प्रेमजी, अजय सिंह और फिरोजशाह गोदरेज शामिल हैं।
इसके अलावा बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण भी वहां मौजूद रहेंगी, जिन्हें पहले दिन क्रिस्टल अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। इनके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु, वित्त आयोग के चेयरमैन एनके सिंह और तेलंगाना के मंत्री केटी रामाराव भी इसमें शामिल होंगे।
इन दिग्गजों के आने की उम्मीद
बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के आने की संभावना है, लेकिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के आने के आसार नहीं हैं। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान भी आ सकते हैं।
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी, फिनलैंड की प्रधानमंत्री सन्ना मारिन, हांगकांग स्वायत्त क्षेत्र की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैरी लैम, इराक के राष्ट्रपति बरहम सालिह, नॉर्वे की प्रधानमंत्री एर्ना सोलबर्ग, सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सेइन लूंग और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति उएली मौरेर ने आने की पुष्टि कर दी है।