KMP Expressway was blocked by Farmers on completion of 100 days of farmer protest
- फोटो : Amar Ujala
केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों को लेकर 100 दिन से किसानों का प्रदर्शन जारी है। शनिवार को किसानों संगठन ने आंदोलन के सौ दिन पूरे होने पर केएमपी (कुंडली मानेसर पलवल) एक्सप्रेस-वे की पांच घंटे की नाकाबंदी के साथ साथ काला दिवस के रूप मनाया। विरोध प्रदर्शन में सभी किसानों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करवाया। इसके अलावा किसानों ने डासना, दुहाई, बागपत, दादरी, ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर जाम चक्का जाम किया। आगामी रणनीति को लेकर किसान संगठन 15 मार्च फिर बैठक कर आगे की रण्नीति तय करेंगे।
किसान नेता हन्नान मौला ने अमर उजाला को बताया कि आंदोलन के सौ दिन पूरे हो गए हैं। हम लोग शांतिपूर्ण तरीके से ही कार्यक्रम को आयोजित कर रहे हैं। लगातार आंदोलन को बढ़ाए रखना है इसलिए हर सप्ताह कोई न कोई कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। इस सप्ताह के बाद अगले सप्ताह की तैयारी भी हम लोगों ने कर ली है। 15 मार्च को किसान संगठनों की बैठक होगी। इसके बाद आगे की रणनीति को लेकर चर्चा होगी। इसमें भी हम देशव्यापी आंदोलन को लेकर ही चर्चा करेंगे। इसके अलावा हमारी किसान महापंचायतें पहले की तरह होती रहेंगी।
अब तक 11 बार हो चुकी है किसानों के साथ वार्ता
6 नवंबर 2020 से शुरू हुए किसान आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने पहली बार एक दिसंबर को किसानों के साथ विज्ञान भवन में बात की। इसके बाद किसानों और सरकार के बीच करीब 11 दौर की चर्चा हो चुकी है। लेकिन एक भी वार्ता में बीच का कोई रास्ता नहीं निकल सका। किसान तीनों कानूनों के रद्द कराने पर अड़े हैं, जबकि सरकार उसमें संशोधन का प्रस्ताव देती रही है। सरकार कुछ समय के लिए इन कानूनों को रद्द करने पर भी राजी हुई थी, लेकिन किसान संगठन राजी नहीं हुए। इस आंदोलन में अब तक 70 से ज्यादा किसानों की मौत हो चुकी है।