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दिल्ली: बवाना में आग लगने से 17 की मौत, फैक्ट्री का मालिक गिरफ्तार, मुआवजे का हुआ ऐलान

Sun, 21 Jan 2018 08:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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दिल्ली के बवाना इंडस्ट्रियल इलाके में एक पटाखों फैक्ट्री में आग लगने से 17 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई घायल बताए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक फैक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि मरने वाले के परिजनों को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरफ से मुआवजे का ऐलान कर दिया गया है।

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मृत लोगों में से कइयों की पहचान कर ली गई। गोदाम में करीब 80 मजदूर काम करते थे, जिसमें महिलाओं की बड़ी संख्या थी। आग लगने के काफी देर बाद उस पर काबू पाया गया और इसके बाद हताहतों को बाहर निकालना शुरू किया। एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि गोदाम में उसके बेटे और बहू काम करते थे। बेटा काम खत्म करने के बाद घर आ गया था जबकि बहू काम कर रही थी। उसे अस्पताल में इस बात की जानकारी नहीं मिल रही थी कि उसकी बहू जीवित है या फिर उसकी मौत हो गई।

अस्पताल पहुंचे ज्यादातर लोग अपनों की तलाश कर रहे थे। लेकिन कोई भी यह बताने की स्थिति में नहीं था कि किसकी मौत हुई है और किसकी नहीं। डॉक्टरों के मुताबिक ज्यादातर लोगों के शरीर इतने झुलस गए थे कि उनकी पहचान कर पाना काफी मुश्किल हो रहा है। घटना के बाद इलाके में मातम छा गया है। मृतकों के परिवार वालों ने इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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आग लगने के बाद इलाके में बिजली काट दी गई

fire in bawana - फोटो : pti
आग लगने के बाद मौके पर पहुंचे दमकल अधिकारियों ने सबसे पहले इलाके की बिजली को बंद करवा दिया, जिसकी वजह से आस पास की फैक्ट्रियों में काम बंद हो गया। उन फैक्ट्रियों में काम करने वाले सारे मजदूर बाहर आ गए। धीरे धीरे उस इलाके में अंधेरा छा गया, लेकिन सैकड़ों की संख्या में मजदूर घटनास्थल पर डटे रहे।

भीतर का मंजर डरावना और भयानक था

आग बुझाने के बाद गोदाम में घुसी पुलिस व दमकल कर्मियों ने बताया कि अंदर का मंजर काफी डरावना और भयानक था। चारों तरफ सिर्फ पटाखों के पैकेट और बुरी तरह से झुलसी हुई लाशें पड़ी थी, जिसमें महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। आशंका है कि गोदाम में भारी मात्रा में बारुद रखा था, जिसकी वजह से आग लगने के बाद मजदूरों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल पाया और उनकी दर्दनाक मौत हो गई। अभी तक की जांच में यह बात सामने आई है कि गोदाम में प्लास्टिक की फैक्ट्री चलाने का लाइसेंस था। जबकि लंबे समय से पटाखा बनाने का काम चल रहा था।
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