जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद शुरुआत के कुछ महीनों में रोजाना कम से कम 10 से 15 ड्रोन पाकिस्तान से लगी सीमा पर भारतीय चौकियों पर सुरक्षा बलों ने उड़ते देखे। हालांकि अब इसमें कमी आई है और पंजाब व जम्मू से लगी सीमा पर एक महीने में एक या दो ड्रोन ही देखे गए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया, पांच अगस्त से अक्टूबर, 2019 के बीच बीएसएफ, स्थानीय पुलिस व अन्य सुरक्षा बलों ने रोजाना 10 से 15 ड्रोन देखे।
तत्काल जवाबी कार्रवाई योजना के तहत बीएसएफ और पुलिस ने तुरंत इन ड्रोन को मार गिराने का निर्देश दिया गया था। हालांकि इन ड्रोन को मार गिराने के लिए कुछ विशेष हथियारों और ट्रेनिंग की जरूरत होती है, जो फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों के पास नहीं है। ऐसे में मौजूदा समय में स्पष्ट निर्देश हैं कि जब भी संभव हो और अगर रेंज में हो तो इन ड्रोन को तुरंत मार गिराया जाए।
अधिकारियों के मुताबिक, बीते समय में कुछ ड्रोन गुजरात में पाक सीमा से लगे इलाकों में भी देखे गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां कुछ आधुनिक किस्म के ड्रोन की गतिविधियों को लेकर चिंतित हैं, जिनका पता लगाना काफी मुश्किल होता है। फिलहाल तीन तरह के ड्रोन होते हैं, जिनमें से एक को जमीन से रिमोट के जरिये कंट्रोल किया जाता है, दूसरा जीपीएस लेस होता है ।
सबसे नया प्री फेड इंफोरमेशन से लैस होता है, जो अपने काम को अंजाम देता है। इसे पहचानना काफी मुश्किल होता है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्रालय और केंद्रीय एजेंसियां इससे परिचित हैं और एंटी ड्रोन तकनीक व संचालन प्रोटोकॉल प्रक्रिया पर काम चल रहा है।