Akhilesh, Mayawati, Yogi Adityanath, Mamata Banarjee
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योगी आदित्यनाथ
2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक योगी आदित्यनाथ भाजपा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद सबसे बड़े प्रचारक के तौर पर उभरे हैं। एक फायरब्रांड हिंदुत्ववादी नेता की पहचान के साथ वह एक सख्त प्रशासक के तौर पर देखे जाते हैं। हालांकि, पिछले साल हुए गोरखपुर, फूलपुर और कैराना में हुए लोकसभा उपचुनाव में भाजपा हार गई, यहां तक कि योगी अपना गढ़ गोरखपुर भी नहीं बचा पाए। इस बार उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है।
मायावती
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। अनुसूचित जाति से आने वाली मायावती की राजनीति में पैठ भी है और राज्य में अपना वोट बैंक भी। हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव 2014 की बात करें, तो मोदी लहर के बीच बसपा खाता भी नहीं खोल पाई थी, लेकिन इस बार मुकाबला कड़ा है। समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर बसपा मजबूत दिख रही है।
अखिलेश
समाजवादी पार्टी में राजनीतिक कलह के बीच अखिलेश यादव ने पार्टी की कमान अपने हाथ में ली। सपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में बहुत कमाल नहीं दिखा पाई थी और सिर्फ पांच सीटों पर जीती थी। इस बार 25 सालों का राजनीतिक द्वेष मिटाते हुए सपा, बसपा के साथ आई है। मायावती संग अखिलेश का आना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है।
ममता बनर्जी
भाजपानीत एनडीए के विरोध में एकजुट हुए महागठबंधन में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनजी एक बड़ा चेहरा बन कर उभरी हैं। 2014 लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने 42 में से 34 सीटों पर कब्जा जमाया था। 18 जनवरी को कोलकाता में विपक्ष की बड़ी रैली आयोजित कर ममता ने 15 से ज्यादा राजनीतिक दलों को एक मंच पर इकट्ठा किया था।
N Chandrababu Nayadu, Nitish Kumar, Naveen Patnayak
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नीतीश कुमार
40 लोकसभा सीटों वाले बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बड़ा चेहरा हैं। भाजपा संग 50-50 के फॉर्मूले पर लड़ रही पार्टी जदयू के अध्यक्ष नीतीश यहां एनडीए में बड़े नेता और स्टार प्रचारक हैं। मुख्यमंत्री के तौर पर यह उनका तीसरा कार्यकाल है। सालों से वह बिहार में सुशासन की छवि बनाने में लगे हैं। भाजपा से छिटकने और फिर एनडीएम में शामिल होने के बाद इस बार उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
एन चंद्रबाबू नायडू
तेलगू देशम पार्टी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू वर्तमान में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। 25 लोकसभा सीटों वाले आंध्र प्रदेश में उनकी बड़ी भूमिका होगी। तेदेपा पहले एनडीए में शामिल थी, लेकिन विशेष राज्य का दर्जा की मांग पर नायडू एनडीए से अलग हो गए और फिलहाल महागठबंधन में वह बड़ा चेहरा हैं।
नवीन पटनायक
बीजू जनता दल प्रमुख और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का ओडिशा में अपना जनाधार रहा है। ओडिशा के विकास को अपना एजेंटा बताने वाली पार्टी बीजद एनडीए और महागठबंधन से अलग राह रही है। नवीन इन दिनों सोशल मीडिया का जमकर प्रयोग कर रहे हैं। फरवरी में वह फेसबुक पर सबसे ज्यादा पैसे झोंकने वाले नेता रहे।