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दस लाख लोगों ने पीएम को लिखा खत, दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की

Sun, 12 Aug 2018 08:24 AM IST
अमित शर्मा, नई दिल्ली
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नरेंद्र मोदी-गोपाल राय
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दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए राजधानी के दस लाख लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। आम आदमी पार्टी नेता गोपाल राय ने इन पत्रों को अपने हाथों से स्वयं प्रधानमंत्री को सौंपने के लिए समय देने की मांग की है। पीएम से समय की मांग करते हुए गोपाल राय ने उन्हें एक पत्र लिखा है।

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आप पार्टी के दिल्ली के कन्वेनर गोपाल राय ने पत्र में लिखा है कि दिल्ली के लोगों की कई दशकों से यह मांग रही है कि राजधानी को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा है कि आम आदमी पार्टी दिल्ली की जनता की इस मांग का पूर्ण समर्थन करती है और उन्हें उनका हक मिलना चाहिए। आप नेता गोपाल राय द्वारा नौ अगस्त को पीएम को लिखे गए इस पत्र को प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा दस अगस्त को प्राप्त कर लिया गया है।

आप के लिए बना बड़ा मुद्दा

दरअसल, दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार का अपने गठन के बाद से ही केंद्र से इसका टकराव शुरु हो गया। कभी दोषी अधिकारियों की जांच के मामले में एसीबी के अधिकार का मुद्दा रहा हो या राशन घर-घर पहुंचाने की योजना, केजरीवाल सरकार की हमेशा से यह शिकायत रही है कि केंद्र के इशारे पर उसकी योजनाओं में बाधा डाली जा रही है। केजरीवाल को लगता है कि अगर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल जाए तो उन्हें उनकी योजनाओं को लागू करने में कोई देरी नहीं होगी। यही कारण है कि वे लगातार दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग करते रहे हैं। दिल्ली के लोगों के द्वारा इसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिये जाने का मामला इसी कड़ी का अगला कदम है।
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पूर्ण राज्य का मुद्दा राजनीतिक दांवपेंच

दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने से दिल्लीवासिय़ों को कितना लाभ मिलेगा, या कितना नुकसान होगा, यह अलग बात है, लेकिन राजनीतिक दलों के लिए यह हमेशा एक मुद्दा रहा है। दिल्ली एक केंद्र शासित क्षेत्र होने के कारण यहां पुलिस विभाग पर केंद्र का नियंत्रण रहता है। यही कारण है कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था से संबंधित कोई भी घटना घटने पर दिल्ली का सत्ताधारी दल हमेशा इसके लिए केंद्र को दोषी ठहराता रहा है। जबकि अन्य राज्यों में ऐसी घटनाओं के लिए राज्य की सरकार जिम्मेदार ठहराई जाती है।

सीएम बनने से पूर्व दिल्ली में निर्भया कांड के बाद अरविंद केजरीवाल ने यह कहा था कि (तत्कालीन) मुख्यमंत्री शीला दीक्षित इसके लिए जिम्मेदार हैं, किसी भी राज्य का मुख्यमंत्री इतना बेबस नहीं हो सकता। वही केजरीवाल इस समय दिल्ली में महिलाओं के साथ हो रहे अपराध के लिए केंद्र को दोषी ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि दिल्ली में अपराध और भ्रष्टाचार की घटनाओं में कमी तभी आ सकती है जब यहां की कानून-व्यवस्था यहां की चुनी हुई सरकार के हाथ में हो।

वहीं इस मुद्दे पर अब दिल्ली की मुख्यमंत्री रह चुकीं शीला दीक्षित कहती हैं कि केजरीवाल सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की बात कह रहे हैं जबकि दिल्ली की स्थिति देखते हुए यह सभी जानते हैं कि यह मांग कभी पूरी नहीं की जा सकती क्योंकि यह केंद्रशासित क्षेत्र में आता है।

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