प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना का लाभ उठाने के लिए अब तक लगभग 10 लाख लोगों ने आवेदन किया है। इस योजना में अभी तक सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश के रेहड़ी-पटरी कामगरों को लाभ मिला है जबकि अन्य राज्य इस पर काफी धीमी गति से काम कर रहे हैं।
इस योजना के तहत रेहड़ी-पटरी पर छोटे काम-धंधा करने वालों को 10 हजार रुपये का आसान कर्ज दिया जाता है। इसे आसान किस्तों में केवल सात फीसदी की ब्याज दर से भुगतान करना होता है। अगर रेहड़ी-पटरी कामगर डिजिटल माध्यम से समय पर किस्तों की अदायगी करता है तो उसकी एक किस्त माफ कर दी जाती है।
योजना में राष्ट्रीय स्तर पर 50 लाख रेहड़ी-पटरी का काम करने वालों को आर्थिक सहायता पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें मार्च 2021 तक 20 लाख लोगों को कर्ज देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी तक इसमें लगभग 10 लाख लोग योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर चुके हैं।
नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट फूड वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरबिंद सिंह ने अमर उजाला को बताया कि केंद्र सरकार की इस योजना से रेहड़ी-पटरी वालों को काफी लाभ हुआ है। उन्हें छोटे-छोटे कर्ज के लिए महाजनों को महंगा ब्याज नहीं चुकाना पड़ रहा है। लेकिन राज्य सरकारों, बैंकों और नगर निगमों के पर्याप्त सहयोग न मिल पाने के कारण अभी भी इस योजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।
दिल्ली सरकार ने इस योजना का लाभ देने के लिए हर बैंक में एक अधिकारी नियुक्त करने की बात कही थी जो लोगों को इस लोन का लाभ लेने के लिए आवश्यक जानकारी देता, लेकिन अभी तक सभी जगहों पर बैंकों और कर्जदारों के बीच इस सेतु को नहीं बनाया जा सका है। यही वजह है कि दिल्ली में अभी इस योजना का अपेक्षित लाभ रेहड़ी वालों को नहीं मिल पा रहा है।