नव वर्ष की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। अपने भाषण में पीएम मोदी ने हर वर्ग की नब्ज छूने की कोशिश की। उन्होंने ढेरों राहत भरी योजनाओं का पिटारा खोला। खासकर निम्न वर्ग, गरीबों, किसानों और मध्यम वर्गीय लोगों के लिए उनके भाषण में काफी कुछ रहा। पीएम मोदी ने महिलाओं और बुजुर्गों को भी नए साल का तोहफा दिया। यहां पीएम मोदी के भाषण के उन 10 तोहफों का जिक्र है जिन्हें देने का एलान उन्होंने किया।
गरीबों के लिए
गांव में आवास योजना के अंतर्गत बनने वाले घरों में 35 फीसदी इजाफा करने का ऐलान किया। गांव में अपने घर का विस्तार करना चाहते हैं तो दो लाख तक के लोन पर तीन फीसदी छूट मिलेगी
मध्यम वर्ग के लिए
शहरी गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना में 9 लाख रुपये के कर्ज पर ब्याज में 4% और 12 लाख पर 3% की छूट दी जायेगी।
किसानों को लिए
किसान क्रेडिट कार्ड को रूपे कार्ड में बदला जाएगा। डिस्ट्रिक्ट कॉपरेटिव सेंट्रल बैंक और प्राइमरी सोसायटी से जिन किसानों ने खरीफ और रबी की बुवाई के लिए कर्ज लिया था। उस कर्ज के 60 दिन का ब्याज सरकार वहन करेगी और किसानों के खातों में ट्रांसफर करेगी। नाबार्ड ने पिछले महीने 21 हजार करोड़ की व्यवस्था की थी। सरकार इसे दोगुना करते हुए इसमें 20 हजार करोड़ रुपए और जोड़ रही है। इसे नाबार्ड कम ब्याज पर लोन देगा और नाबार्ड को होने वाले नुकसान को सरकार वहन करेगी।
छोटे कारोबारियों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए पीएम का तोहफा
छोटे कारोबारियों के लिए
छोटे कारोबारियों के लिए क्रेडिट लिमिट एक करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ की जाएगी। कैश/क्रेडिट लिमिट 20 से बढ़ाकर 25 फीसदी की जाएगी।
बुजुर्गों के लिए
वरिष्ठ नागरिकों को मोदी का तोहफा,साढ़े सात लाख तक के जमा पर 8 फीसदी ब्याज 10 साल फिक्स किया गया, हर माह निकाल सकेंगे ब्याज।
गर्भवती महिलाओं के लिए
गर्भवती महिलाओं के खातों में आएगा 6000 रुपया,ताकि मृत्यु दर में कमी आए।
नेताओं को नसीहत
आज आवश्यकता है कि सभी राजनेता और राजनीतिक दल राजनीति से ऊपर उठकर मिलके पारदर्शिता लाएं और उसके लिए सही कदम उठाएं।
बैंक कर्मियों को नसीहत, कालाधन रखने वालों की खैर नहीं
नोटबंदी से अर्थव्यवस्था हुई मजबूत
इस अभियान की सफलता इस बात पर भी है कि अर्थव्यवस्था से बाहर जो धन था वो बैंक के जरिये अर्थव्यवस्था में वापस आ गया है।
बैंक कर्मियों को नसीहत
बैंक कर्मियों ने सराहनीय काम किया है, दिन-रात काम किया है। इस दौरान कुछ बैंकों में गंभीर अपराध सामने आए हैं। कुछ कर्मियों ने गंभीर अपराध किए हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
कालाधन रखने वालों की खैर नहीं
ये सरकार सज्जनों की मित्र है और दुर्जनों को सच्चाई के रास्ते पर लाने के लिए कटिबद्ध है। कानून अपना काम करेगा।