महाराष्ट्र के राज्यपाल और भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी उनके प्रस्तावक बने, जबकि भाजपा के साथ-साथ एनडीए के तमाम वरिष्ठ नेता मौके पर मौजूद रहे। जानकारी के मुताबिक, सीपी राधाकृष्णन और एनडीए के वरिष्ठ नेताओं के साथ पीएम मोदी ने रिटर्निंग ऑफिसर को नामांकन पत्रों के 4 सेट सौंपे हैं।
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उपराष्ट्रपति चुनाव में राज्यसभा के 233 निर्वाचित सांसद, राज्यसभा में मनोनीत 12 सांसद और लोकसभा के 543 सांसद वोट डाल सकते हैं। इस तरह के कुल 788 लोग वोट डाल सकते हैं।
10 बिंदुओं में समझिए सबकुछ...
- तमिलनाडु में जन्मे सीपी राधाकृष्णन पिछले साल जुलाई से महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं।
- 68 साल के राधाकृष्णन इससे पहले फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल रह चुके हैं। उन्होंने मार्च और जुलाई 2024 के बीच तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।
- 2023 में झारखंड के राज्यपाल नियुक्त होने के पहले चार महीनों के भीतर राधाकृष्णन ने राज्य के सभी 24 जिलों का दौरा किया। उन्होंने नागरिकों और जिला अधिकारियों से बातचीत की।
- वरिष्ठ भाजपा नेता राधाकृष्णन कोयंबटूर से दो बार लोकसभा के लिए चुने गए और इससे पहले तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।
- तमिलनाडु भाजपा प्रमुख के रूप में 2004 से 2007 के बीच उन्होंने 93 दिनों तक चलने वाली 19,000 किलोमीटर की 'रथ यात्रा' की। यह यात्रा सभी भारतीय नदियों को जोड़ने, आतंकवाद के उन्मूलन, समान नागरिक संहिता लागू करने, अस्पृश्यता निवारण और नशीले पदार्थों के खतरे से निपटने की उनकी मांगों को उजागर करने के लिए निकाली गई थी। उन्होंने दो और पदयात्राओं का नेतृत्व भी किया।
- चार दशकों से अधिक के अनुभव के साथ राधाकृष्णन तमिलनाडु की राजनीति और सार्वजनिक जीवन में एक सम्मानित नाम हैं।
- 1957 में तमिलनाडु के तिरुप्पुर में जन्मे राधाकृष्णन ने कोयंबटूर के चिदंबरम कॉलेज से बीबीए की डिग्री के साथ अपनी पढ़ाई पूरी की।
- एक उत्साही खिलाड़ी राधाकृष्णन कॉलेज स्तर पर टेबल टेनिस के चैंपियन और लंबी दूरी के धावक थे। उन्हें क्रिकेट और वॉलीबॉल का भी शौक था।
- 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जगदीप धनखड़ के इस्तीफा देने के बाद उपराष्ट्रपति का पद रिक्त हो गया था।
- चुनाव आयोग ने पहले घोषणा की थी कि उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान 9 सितंबर को होगा और उसी दिन मतगणना भी होगी।