भारत उन देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जिसके नागरिक सबसे ज्यादा विदेशी नागरिकता अपना रहे हैं। 2015 में 1.30 लाख भारतीय मूल के लोगों ने ओईसीडी देशों की नागरिकता अपना ली है। इनमें से ज्यादातर वह लोग है, जो विदेशों में काम करने के लिए वर्क वीजा पर गए हुए थे।
इंटरनेशनल माइग्रेशन आउटलुक के आंकड़ों के अनुसार, दूसरे स्थान पर मेक्सिको (1.12 लाख) और तीसरे स्थान पर फिलीपींस (94,000) है। चीन पांचवे स्थान नंबर पर है। 2015 में 78,000 चीनी लोगों ने विदेशी नागरिकता ली थी। रिपोर्ट के अनुसार 2015 में लगभग 20 लाख लोगों ने ओईसीडी देशों की नागरिकता ली है। यह आंकड़ा 2014 के मुकाबले 3 फीसदी अधिक है।
गौरतलब है कि ओईसीडी 35 देशों का एक समूह है, जिसमें यूरोपी देश, यूएसए, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और जापान शामिल हैं। इससे पहले रिपोर्ट में बताया गया था कि विदेशों में सबसे ज्यादा भारतीय प्रवासी रहते हैं, जिनकी संख्या लगभग 156 लाख है। रिपोर्ट के मुताबिक यूएसए, कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी में सबसे ज्यादा भारतीय रहना पसंद करते हैं।