देश की राजधानी में पिछले पांच साल के दौरान 1200 नाबालिग बच्चों ने आत्महत्या का रास्ता चुन लिया। यह जानकारी दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दाखिल किए शपथ पत्र में दी। शीर्ष अदालत में दाखिल शपथ पत्र में पुलिस ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में पिछले पांच साल के दौरान 18 साल या उससे कम उम्र के 1294 नाबालिगों के आत्महत्या कर ली।
हालांकि, पुलिस ने यह भी कहा कि इस दौरान नाबालिगों की आत्महत्या का एक भी मुकदमा किसी थाने में दर्ज नहीं किया गया है। दिल्ली पुलिस ने यह शपथ पत्र एडवोकेट गौरव कुमार बंसल की याचिका के जवाब में दिया था। याचिका में शीर्ष अदालत से देश में आत्महत्या की घटनाओं को रोकने वाले एक सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई थी।
इसके लिए याचिकाकर्ता ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों कॉल सेंटरों और हेल्पलाइंस के जरिये आत्महत्या की सोच रखने वाले व्यक्तियों को मनोवैज्ञानिक सलाह देने के लिए एक प्रोजेक्ट शुरू करने का आदेश देने की गुहार शीर्ष अदालत से लगाई है।
शीर्ष अदालत ने 2 अगस्त, 2019 को इस याचिका पर केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को जवाब दाखिल करने को कहा था। अब इस पर 24 जनवरी को जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ इस पर सुनवाई करेगी।
राजधानी में आत्महत्या
साल मौत
2014 188
2015 211
2016 227
2017 242
2018 277
2019 149