फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बस एक्सीडेंट की वजह पूछने पर ड्राइवर संता बोला, कंडक्टर आया नहीं था तो मैं टिकट बनाने चला गया

Sat, 09 Mar 2019 06:02 PM IST
पंखुड़ी सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
- फोटो : facebook
विज्ञापन
Bunty: - डाक्टर साहब दस्त ने बेहाल कर रखा है...!!!
विज्ञापन


Doctor: - कितना पतला आता है...???

Bunty: - ये समझ लो कि आप उस से कुल्ला कर 
सकते हो...!!
....................................................................
 

मैडम, बच्चे से: - तेरी कॉपी और पेन कहाँ है...??

;;

;;

;;

;;
बच्चा: - मेम जबसे आपको देखा, क्या कॉपी और क्या पेन,
तेरे मस्त-मस्त दो नैन, मेरे दिल का ले गये चैन, खो गई कॉपी, 
गुम गया पेन...
..................................................................................
 

आदमी- मैने New iPhone 7 लिया है...,
पप्पू - Oh wow...., कौनसी कम्पनी 
का...??

आदमी- जा तु घर जा...

होंडा कम्पनी का है
वो भी पेट्रोल से चलता है...!! 
.............................................

लड़का: - तुम बहुत खूबसूरत हो।
लड़की: - ओह जानू।
लड़का: - तुम तो बिल्कुल परियों जैसी हो...,
लड़की: - सच में?
लड़का: - हां।
लड़की: - और क्या कर रहे हो अभी?
लड़का: - मजाक... 

टीचर: – "ख़ुशी का ठिकाना ना रहा" इस मुहावरे का क्या मतलब है...???

पप्पू: - ख़ुशी घर वालों से छिपकर, रोजाना अपने बॉयफ्रेंड से मिलने जाती थी
एक दिन उसके पापा ने बॉयफ्रेंड के साथ देख लिया और ख़ुशी को घर से 
निकाल दिया...

अब बेचारी "ख़ुशी का ठिकाना ना रहा"...
..............................................................
 

कोई भी पुराना 'माल' लाइए और
नया 'आइटम' ले जाईये!

.
.
.
इस तरह के
ऑफर देने वाले
.
.
.
.
.
.
शादीशुदा लोगों की जज्बातों से खेलते हैं ।
............................................................
 
विज्ञापन

संता ड्राइवर बन गया,

जज – बस खाई में कैसे गिरी,
सारी सवारी मर गयी ?

संता – साहब , मुझे नहीं पता ,

जज – क्या ? पर गाड़ी तो तुम चला रहे थे ,

संता – हाँ , पर उस दिन कंडक्टर नहीं आया था ,

तो मैं टिकट बनाने पीछे चला गया ,

जज बेहोश 🙂 🙂
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें