एक बुड्ढा हर साल अपनी ही पत्नी से शादी करता था।
बिना किसी रोक-टोक के सारा कार्यक्रम संपन्न हो जाता और फिर अगले साल सब कुछ वैसे ही दोहराया जाता।
पूरे गाँव में ये बात कौतुहल का विषय बन गयी।
आखिर में जब एक व्यक्ति से नहीं रहा गया तो उसने पूछ ही लिया- बुढ़ऊ जै का बात भई!
हर साल ब्याह कत्त हो। हर साल फेरे लेवत हो।