एक दिन पड़ोस का एक लड़का चाचा के यहां कुछ मांगने आया- “रे चाचा, अपनी इस्त्री दे दे” चाचा ने अपनी जनानी की ओर इशारा किया और बोला- “ले जा, वा बैठी है ” लड़का बोला- “चाचा यो नहीं, कपड़े वाली” चाचा बोला- “भले मानस, यो तन्ने बगैर कपड़े दिखे है के?” लड़का गुस्से में चीखा- “रा चाचा बावला ना बन, करंट वाली इस्त्री” चाचा- “बावले, हाथ ते लगा के देख, जे ना मारे करंट, फेर कहिये”