लेडी पेशेंट- जैसे अब मैं यहाँ आई थी तो आपके ओपीडी में एक भी पेशेंट नहीं था। तो मैं सोचने लगी कि डॉक्टर साहब के पास कोई भी पेशेंट नहीं है। इनकी कमाई कैसे होगी, घर कैसे चलेगा, इतना पैसा लगाया पढ़ाई में, अब क्या करेंगे?
हॉस्पिटल बनाने में भी बहुत पैसा लगाया होगा, अब लोन कैसे चुकाएंगे? कहीं किसानों के तरह लटक तो नहीं जाएंगे एक दिन। ऐसे ही विचार आते रहते है।
पेशेंट की बीमारी ठीक करना तो दूर अब डॉक्टर खुद डिप्रेशन में है।