एक पत्नी अपने पति के घर आने के बाद ही खाना खाती थी।
सारी मोहल्ले की औरतें उसका बड़ा सम्मान करती थीं।
कहती थीं- तुम महान हो, पतिव्रता हो, सती हो, देवी हो, साध्वी हो।
भारतीय संस्कृति की पुजारिन हो।
हमारी प्रेरणा हो।
इस कलयुग में आदर्श नारी हो।
एक दिन एक औरत ने कहा- आप इतनी तपस्या कर कैसे लेती हो?
वो बोली- मजबूरी है, जब मेरे पति आते हैं,
और खाना बनाते हैं, तभी तो खाऊंगी...!!!
शादी के अगले दिन ही अचानक पति
अपनी बीवी को पीटने लगा।
लोगों ने पूछा- क्यों मार रहे हो बेचारी को?
पति बोला- इसने मेरी चाय में ताबीज डाला है,
मुझे वश में करने के लिए।
मुझे मेरी मां से दूर करना चाहती है।
बीवी रोते हुए गुस्से में बोली - वो ताबीज नहीं, टी बैग है।
मास्टर जी - बताओ छिपकली दीवार पर क्यों चलती है?
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पप्पू - हम भी तो जमीन पर चलते हैं,
छिपकली ने कुछ बोला क्या?
फिर हुई पप्पू की जोरदार कुटाई!!!