गली से आवाज आई - 'मात्र 400 रुपये में जिंदगी भर बैठ कर खाएं'
पप्पू ने बाहर निकल कर देखा तो बदतमीज...
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एक बंदा 'कुर्सी' बेच रहा था।
पप्पू ने पूछा - कैसे हैं बाबाजी.?
बाबाजी बोले - हम तो साधू हैं बेटा
हमारा 'राम' हमें जैसे रखते हैं, हम वैसे ही रहते हैं।
तुम तो सुखी हो ना बच्चा..?
पप्पू बोला - हम तो संसारी लोग हैं बाबाजी
हमारी 'सीता' हमें जैसे रखती है, हम वैसे ही रहते हैं।
पति शाम को बहुत उदास होकर घर लौटा
पत्नी- क्या हुआ जी ?
पति- आज हमारे ऑफिस की बिल्डिंग गिर गई और सारे लोग मर गए.
पत्नी- तो आप कैसे बचे ?
पति- मैं सिगरेट पीने बाहर गया हुआ था.
पत्नी- चलो शुक्र है भगवान का...
थोड़ी देर में ही टीवी पर खबर आने लगी कि
सरकार ने सभी मृतकों के परिवार वालों को 1-1 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है.
पत्नी गुस्से में - ना जाने तुम्हारी ये सिगरेट की आदत कब छूटेगी...
संता - यार मैं घरवालों से बड़ा परेशान हूं
बंता - क्यों ?
संता - अरे उनको घड़ी में टाइम तक देखना नहीं आता
बंता - मतलब?
संता - रोज सुबह मुझे जबरदस्ती उठा देते हैं
और बोलते हैं-
'उठ जा, देख कितना टाइम हो गया'!!!!