पूर्व भाजपा सांसद एवं हिलोपा अध्यक्ष महेश्वर सिंह घर वापसी नहीं करेंगे। हिलोपा कोर ग्रुप ने भाजपा में विलय के प्रस्ताव को नकार दिया है। कोर ग्रुप की अहम बैठक महेश्वर सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को शिमला में हुई।
इसमें पार्टी उपाध्यक्ष खुशी राम बालनाटाह, बाबू राम मंडयाल, सुभाष शर्मा, महामंत्री श्यामा शर्मा, नवीन धीमान, डा. धर्मचंद गुलेरिया, प्रदेश मीडिया प्रमुख टिक्कू ठाकुर, सदस्य प्रकाश ठाकुर और प्रताप तोमर शामिल हुए।
महेश्वर सिंह ने नई दिल्ली में भाजपा नेताओं से हुई बातचीत को कोर ग्रुप में रखा, हालांकि वह दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मंडी में मिले थे।
हिलोपा ने विलय की संभावना को यह कहते हुए नकार दिया कि भाजपा में आखिर क्या बदलाव आया है? जब हिलोपा नेताओं ने भाजपा को छोड़ा था, उस समय के मुद्दों का कोई समाधान नहीं हुआ है।
जिस पार्टी में सबसे वरिष्ठतम नेता लाल कृष्ण आडवाणी की इज्जत न हो उसमें हिलोपा का विलय नहीं हो सकता। पार्टी ने निर्णय लिया है कि भाजपा-कांग्रेस से समान दूरी बनाई जाएगी तथा समान विचार वाले दलों का साथ दिया जाएगा।
यह भी तय हुआ कि आगामी लोकसभा चुनावों में पार्टी प्रत्याशी नहीं उतारेगी। यानी न तो महेश्वर और न ही कांगड़ा में दूलो राम चुनाव लड़ेंगे।