हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना के रूझानों से यह साफ हो गया है कि इस बार सूबे में कांग्रेस की सरकार बनेगी। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक कांग्रेस की जीत का सेहरा वीरभद्र सिंह के सिर बंधेगा। कांग्रेस में प्रचार की जिम्मा पूरी तरह से पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष पर ही था।
विधानसभा चुनावों का पार्टी का पूरा प्रचार उनके ईद गिर्द घूमा रहा। चुनावों से पहले उन्हें हिमाचल कांग्रेस की कमान सौंपी गई और इसके बाद प्रचार में भी वह ही पार्टी के स्टार प्रचारक रहे।
कम समय में ही उन्होंने पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार के लिए पसीना बहा दिया। रोहडू से लेकर चंबा तक जमकर पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में जनसभाएं कीं। अपनी व्यस्तता के चलते अपने निर्वाचन हलके में महज एक ही दिन प्रचार किया।
प्रचार के अंतिम दौर में भी अपने निर्वाचन क्षेत्र जाने की बजाय उन्होंने अन्य निर्वाचन हलकों में पार्टी प्रत्याशियों की स्थिति का फीड बैक किया। पार्टी के अन्य दिग्गज नेता अपने चुनाव क्षेत्रों में ही व्यस्त रहे।
कांग्रेस के कद्दावर नेता में शुमार वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश के पहले भी मुख्यमंत्री रह चुके हैं। 2009 में उन्होंने मंडी लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी महेश्वर को रिकॉर्ड मतों से पराजित कर भाजपा को झटका दिया था। वीरभद्र सिंह सात बार विधायक और पांच बार लोकसभा सांसद बन चुके हैं।