दादा की प्रेरणा और अमर उजाला की खबरों से मिली दिशा : वैभव
झंडूता के 23 वर्षीय वैभव सिंह ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा के अपने पहले ही प्रयास में अखिल भारतीय स्तर पर 82वां स्थान हासिल कर हिमाचल को गौरवान्वित किया है। वैभव ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा स्व. गोवर्धन सिंह की प्रेरणा, माता-पिता के सहयोग और अमर उजाला अखबार की खबरों को दिया।
उन्होंने बताया कि उनके दादा हमेशा अमर उजाला पढ़ते थे और उन्हें भी साथ में अखबार पढ़ने के लिए प्रेरित करते थे, जिससे उन्हें देश-दुनिया की परिस्थितियों और समाज में बदलाव की समझ विकसित हुई। वैभव ने नियमित रूप से 8 से 10 घंटे पढ़ाई की, जिसमें रात का शांत माहौल उनकी एकाग्रता बढ़ाने में सहायक रहा। उनकी प्रारंभिक शिक्षा शिवालिक इंटरनेशनल स्कूल रोहडू और दसवीं खलीनी पब्लिक स्कूल शिमला से हुई। कला विषय में बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने 2020 में सीबीएसई बोर्ड में प्रदेश में टॉप किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से राजनीति विज्ञान में ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की।
एक शिक्षित परिवार से ताल्लुक रखने वाले वैभव के पिता वीरेंद्र सिंह एक स्कूल में प्रधानाचार्य हैं और माता डॉ. मोनिका राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर में भौतिकी की प्रोफेसर हैं। उनके दादा भी शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। नाना कर्म सिंह चंदेल भी मुख्याध्यापक के पद से सेवानिवृत्त हैं। वैभव ने बताया कि घर में शिक्षा का माहौल होने से लक्ष्य निर्धारित करना आसान हो गया।
वैभव ने बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) उनकी पहली पसंद है, जिसके माध्यम से वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपने लक्ष्यों को समर्पित होकर प्राप्त करने का आग्रह किया। वैभव की इस उपलब्धि से उनके परिवार और पूरे बिलासपुर क्षेत्र में खुशी का माहौल है।