चकसराय (ऊना)। उपमंडल अंब के प्रसिद्ध गुग्गा जाहरवीर मंदिर चकसराय में गुग्गा नवमी के उपलक्ष्य पर रविवार को दंगल मेला शुरू हुआ, इसमें कुश्ती के मुख्य मुकाबले में चौकी मन्यार के प्रिंकाल पहलवान विजेता रहे।
डेरा बाबा नानक के जस्सा पहलवान उपविजेता रहे। दोनों पहलवानों को सम्मानित किया गया। सुबह करीब 8 बजे झंडा चढ़ाने की रस्म निभाई गई। निशान साहिब को विधिवत तैयार कर श्रद्धालुओं की मौजूदगी में मंदिर परिसर में स्थापित किया गया।
श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। इसके बाद मेले और दंगल का आयोजन हुआ। पंजाब, हरियाणा सहित बाहरी राज्यों से पहुंचे पहलवानों ने अखाड़े में जोरदार मुकाबले किए।
कुश्ती देखने के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। दर्शकों में उत्साह का आलम यह रहा कि कई लोग पेड़ों पर चढ़कर भी मुकाबले देखते नजर आए।
स्थानीय लोगों के अनुसार चकसराय का गुग्गा जाहरवीर मंदिर करीब 250 वर्ष पुराना है। यहां ऊना के अलावा पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मंदिर के पुजारी अमृत लाल ने बताया कि परंपरा के अनुसार गुग्गा नवमी के दिन कड़प स्थित गुग्गा जाहरवीर मंदिर में दंगल होता है और अगले दिन चकसराय मंदिर में मेला व दंगल आयोजित किया जाता है। मंदिर की कोई अलग कमेटी नहीं है और ग्रामीण आपसी सहयोग से आयोजन की व्यवस्थाएं संभालते हैं।
मेले में यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस थाना अंब के हवालदार हिमांशु कुमार, कांस्टेबल रविंद्र कुमार और होमगार्ड रविंद्र वर्मा ने संभाली। संवाद
मेले के दौरान यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस थाना अंब के हवालदार हिमांशु कुमार, कांस्टेबल रविंदर कुमार और होमगार्ड रविंदर वर्मा ने जिम्मा संभाला।