थानाकलां (ऊना)। कुटलैहड़ क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में जल शक्ति विभाग द्वारा लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से तुरकाल–बंगाणा पेयजल योजना के टैंक का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के पूरा होने पर 17 ग्राम पंचायतों के लगभग 40 हजार लोगों को नियमित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। परियोजना का लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और दिसंबर तक निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है। जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता हरभजन सिंह ने बताया कि यह परियोजना क्षेत्र की बढ़ती पेयजल आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। योजना के पूरा होने के बाद गर्मियों के दौरान पानी की कमी से जूझ रहे गांवों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि विभाग निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के लिए लगातार प्रयासरत है ताकि लोगों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इससे न केवल पानी की उपलब्धता बढ़ेगी बल्कि भविष्य में बढ़ती आबादी की जरूरतों को भी पूरा किया जा सकेगा। दिसंबर तक योजना के चालू होने के बाद क्षेत्र के लोगों को घरों तक पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि उनकी प्राथमिकता क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक तक सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रदेश सरकार और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह योजना क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।