बंगाणा (ऊना)। उपमंडल की मलांगड़ पंचायत के गांव अमरेहड़ा की महिलाओं का सब्र अखिरकार मंगलवार टूट गया। विगत तीन माह से घरों में पानी न आने गुस्साएं लोगों ने खाली घड़े के साथ जल शक्ति विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। महिलाओं ने चेताया कि यदि जल्द पेयजल आपूर्ति नहीं हुई तो एनएच में चक्का जाम करने से गुरेज नहीं करेंगे।
हालत यह है कि ग्रामीण बारिश का पानी एकत्रित करके गुजारा कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि गांव के करीब 50 परिवार पिछले तीन माह से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। मकान की छतों पर बारिश के पानी को एकत्रित करके गुजारा कर रहे हैं, लेकिन जल शक्ति विभाग दर्जनों लिखित व मौखिक शिकायतों के बावजूद कुछ नहीं कर रहा है।हैंडपंपों से निकलने वाले पानी की मात्रा में आयरन की मात्रा ज्यादा पाई जा रही है, लेकिन विभाग की चेतावनी के वाबजूद उपमंडल
बंगाणा की पंचायत मलांगड़ के गांव अमरेहड़ा के लोग हैंडपंप का पानी-पीने को मजबूर हैं। लगभग तीन माह से जल शक्ति विभाग उपमंडल बंगाणा के नलों से पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी है। प्राकृतिक जल स्त्रोत गांव से दूर होने के चलते ये लोग बारिशों से एकत्रित पानी को दैनिक प्रयोग में ला रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग का भी मानना है कि ऐसे लाल व मटमैले पानी का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है।
ग्रामीणों में देवेंद्र शर्मा, भगत राम, सुरेश शर्मा, निशा, शिवानी, शालू, सरोज कुमारी, सीमा देवी, सुदर्शना देवी, इंदु वाला, आस्था आदि का कहना है कि पिछले तीन माह से विभाग के नलों में पानी की एक भी बूंद नहीं टपकी है। इससे हैंडपंप का मटमैला पानी-पीने को मजबूर हैं। वहीं बारिश के पानी को संग्रहित कर उसे दैनिक उपयोग में लाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पानी न आने की शिकायत अनेकों दफा विभाग के अधिकारियों से की गई लेकिन कभी सप्लाई पाईपों का हवाला देकर और कभी जल्द पानी आने की आश्वासन देकर चुप करा दिया गया। क्षेत्र में भारी बरसात हो रही है, ऐसे में पीने के पानी के लिए प्राकृतिक जल स्त्रोतों का पानी भी सेहत के लिए खराब हैं।
जल्द होगी पेयजल आपूर्ति : एसडीओ
जल शक्ति विभाग के एसडीओ हरभजन सिंह का कहना है कि क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के कारण तूतड़ू-कोडरा पेयजल योजना की सप्लाई पाईपें जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गईं थीं, जिनकी मरम्मत कर दी गई है। समस्या का निदान भी हो चुका है। जल्द पेयजल आपूर्ति कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई जाएगी।