दो दिन में 40.4 मिलीमीटर बारिश, कुटलैहड़, ऊना, चिंतपूर्णी और हरोली क्षेत्रों में हुआ फसलों को नुकसान
आलू और अन्य सब्जियों के लिए तैयार क्यारियों में भी जलभराव, किसान चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला में वीरवार के बाद शुक्रवार को मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहा। दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। वीरवार और शुक्रवार को दो दिन में कुल 40.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। दिनरात हुई बारिश के चलते कुटलैहड़, ऊना, चिंतपूर्णी और हरोली क्षेत्रों गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। जबकि आलू, गोभी और अन्य सब्जियों के खेतों में जलभराव हुआ है। जिससे आने वाले दिनों में फसलों को नुकसान हो सकता है। किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि फसलों के बचाव को लेकर कुछ किया जा सके। उधर, कई इलाकों में सड़क मार्गों और गांवों के रास्तों में जलभराव से आवाजाही प्रभावित हुई है।
जानकारी के अनुसार वीरवार दिन और रात के बाद शुक्रवार को भी दिनभर बारिश का दौर जारी रहा। वीरवार रात को 17.2 और शुक्रवार दिन में 16 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इससे पहले वीरवार को 7.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। कुल मिलाकर वीरवार और शुक्रवार को 40.4 मिलीमीटर बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश से गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। जिन इलाकों में अच्छे तरीके से फसल तैयार हुआ है, वहां जमीन में अत्यधिक नमी और हवाओं के चलने से फसलें गिर गई हैं। खासकर कुटलैहड़, ऊना, हरोली के मैदान इलाकों में अधिक नुकसान हुआ है। बंगाणा के खरयालता, डीहर, धनेत सहित अन्य स्थानों पर गेहूं की लहलहाती फसल खेतों में गिर गई। किसानों का कहना है कि अगर बारिश इसी तरह होती रही, तो फसलें खेतों में सड़ जाएंगी। दूसरी और आलू, लहसुन और गोभी की फसलों में जलभराव हुआ। अगर समय रहते जलभराव की निकासी नहीं हुई तो फसलों में सड़न व अन्य बीमारियों लगने का खतरा है।
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नंदपुर, कुठियाड़ी और ठठल गांवों में जलभराव
उधर बारिश के बाद अंब क्षेत्र के नंदपुर, कुठियाड़ी और ठठल गांवों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। कई मुख्य मार्गों और गलियों में पानी भर जाने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण हर साल इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है। जलभराव के चलते न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि जल जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। कुछ घरों में पानी घुसने की भी खबरें हैं, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ध्यान रहे कि क्षेत्र में करीब पांच दिन से मौसम खराब चल रहा है। इससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे जा चुके हैं। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 17.0 और न्यूनतम 11.0 दर्ज किया गया। इससे सुबह और शाम के साथ दिन में भी सर्दी का अहसास लौट आया है। मौसम की करवट के सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी कम हुई है। लोग जरूरी कार्य के लिए ही बाहर निकल रहे। खासकर दोपहिया वाहन चालक बेहद कम दिखाई दिए।
रविवार को मौसम साफ होने की संभावना है। कहा कि शनिवार यानी आज भी बादल छाए रहेंगे। कहा कि रविवार को मौसम साफ हुआ तो उसका असर तापमान पर भी होगा। - विनोद शर्मा, मौसम विशेषज्ञ
कुछ इलाकों में गेहूं की फसल को नुकसान की सूचना मिली है। कहा कि मौसम साफ होते ही प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जाएगा। -डॉ. कुलभूषण धीमान उपनिदेशक जिला कृषि विभाग
ऊना में बारिश के बीच गंतव्य की ओर जाती युवतियां। संवाद
ऊना में बारिश के बीच गंतव्य की ओर जाती युवतियां। संवाद
ऊना में बारिश के बीच गंतव्य की ओर जाती युवतियां। संवाद
ऊना में बारिश के बीच गंतव्य की ओर जाती युवतियां। संवाद