ऊना। जिला में बीते दिनों हुई बारिश गैर-सिंचित 500 हेक्टेयर क्षेत्र में 40 फीसदी पीली पड़ चुकी गेहूं की फसल के लिए वरदान बनी है। बारिश के बाद यहां किसान खेतों में यूरिया खाद आदि डालने के कार्य में डटे हुए हैं। किसानों में बारिश न होने के कारण प्रभावित हुई गेहूं की फसल के पुनर्जीवित होने की आस भी जगी है।
कृषि अधिकारियों की मानें तो बारिश से गैर-सिंचित क्षेत्र में सिंचाई होने से फसल की वृद्धि पर सीधा असर पड़ेगा। अन्यथा खेतों में अब तक खेतों में चौथी बार सिंचाई हो जानी चाहिए थी। हालांकि गैर-सिंचित क्षेत्र के खेतों में फसल जैसे-तैसे बिना बारिश कम वृद्धि के साथ बढ़ती रही। मगर 500 हेक्टयेर भूमि में खेतों में हरी भरी नजर आने वाली फसल का रंग पीला पड़ना शुरू हो गया था। अब 40 फीसदी तक फसल पुनर्जीवित होने का लाभ मिलेगा।
कृषि विभाग ऊना के उपनिदेशक डॉ. कुलभूषण धीमान ने बताया कि बारिश जिला में वर्तमान में गेहूं और गोभी की फसल के लिए वरदान बनेगी। विशेषकर गैर-सिंचित क्षेत्र में पीली पड़ी गेहूं के फसल के पुनर्जीवित होने के आसार बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि किसान गेहूं को जरूरत अनुसार यूरिया का छिड़काव करें। उधर जिला बागवानी के उपनिदेशक डॉ. केके भारद्वाज ने बताया कि बारिश का सकारात्मक प्रभाव है। किसान अगर पौधों में गोबर खाद आदि का प्रयोग करना चाहें तो कर सकते हैं। पौधों की नई कौंपलें आने पर नजदीकी बागवानी विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
अधिकतम तापमान में छह अंक का उछाल
जिला बारिश के बीच कम रहे तापमान में धूप निकलने के बाद अब उछाल आना शुरू हो गया है। सोमवार को ऊना का अधिकतम तापमान छह अंक के उछाल के साथ 18.6 औऱ न्यूनतम मामूली गिरावट के साथ 6.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि रविवार रात को बारिश का क्रम थम गया और सोमवार को दिन की शुरुआत घने कोहरे से हुई। दिनभर मौसम करवटें बदलता रहा। कभी धूप तो कभी घने बादल छाए रहे। शीतलहर से भी लोगों की मुकिश्लें बढ़ीं। हालांकि सुबह 11 बजे तक धूप खिली और उसके बाद देर शाम तक मौसम साफ रहा। मौसम समन्वयक विनोद कुमार ने बताया कि सोमवार को ऊना में अधिकतम तापमान 18.6 व न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस तक रिकार्ड किया गया है। मंगलवार को मौसम साफ रहने की संभावना है।