ऊना। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की तरफ से हिम्कैप्स नर्सिंग संस्थान बढेडा में आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन 4 अप्रैल 1905 में जिला कांगड़ा में आए विनाशकारी भूकंप की 120वीं वर्षगांठ के दिन लोगों को भविष्य में ऐसी घटनाओं के प्रति सतर्क व जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया। जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी शारदा सारस्वत ने बताया कि आपदा बहुत बड़ी समस्या है। इसका सामना हमारे समाज को करना पड़ता है। आपदा कई बार प्राकृतिक होती है, कई बार मानव निर्मित होती है। भूकंप, बाढ़, सूखा, तूफान, भूस्खलन आदि प्राकृतिक आपदाएं हैं। जबकि आतंकवाद, दंगे, महामारी, बम विस्फोट इत्यादि मानव निर्मित आपदाएं हैं। इन आपदाओं से सुरक्षित बचने के लिए जो भी उचित उपाय किए जाते हैं उन्हें आपदा प्रबंधन कहते हैं। जिला स्वास्थ्य शिक्षक गोपाल कृष्ण ने बताया कि आपदा आने से पहले ही उसकी पहचान करना तथा खतरे को कम करने का उपाय करना आपदा प्रबंधन का मुख्य भाग है। भूकंप, बाढ़ इत्यादि प्राकृतिक आपदाओं के आने से पहले ही मौसम विभाग की ओर से अग्रिम चेतावनी जारी कर दी जाती है। प्राकृतिक आपदा किसी भी समय कभी भी आ सकती है इसलिए हमें इससे बचने के लिए हर समय तत्पर रहना चाहिए।