संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। मनुष्य के लिए आसक्ति कभी न खत्म होने वाला पाश है, परंतु यही आसक्ति जब किसी भगवत प्राप्त महापुरुष के चरणों में हो जाती है तो जीवन धन्य हो जाता है। गंगा पाप मिटाती, चंद्रमा ताप दूर करते और कल्पवृक्ष दरिद्रता का नाश कर देता है। किंतु ब्रह्मवेत्ता सत्पुरुषों के चरणों में श्रद्धा रखने से यह तीनों एक साथ दूर हो जाते हैं। ये अमृत वचन स्वामी अतुल कृष्ण ने समाधि वाली कुटिया बीटन ऊना में कहे। ब्रह्मलीन संत योगीराज की 26वीं बरसी से पूर्व आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हमें जन्म-मरण के बंधन से छुड़ाकर आत्मपद के सिंहासन पर एक संत ही बैठा सकते हैं। आत्मज्ञानी महापुरुष जैसा विश्व में और कोई हमारा हितैषी हो नहीं सकता। अतुल कृष्ण ने बताया कि ब्रह्मलीन संत योगीराज अभेदानंद की 26वीं बरसी 18, 19 और 20 जुलाई को समाधि वाली कुटिया बीटन में बड़े धूमधाम से मनाई जाएगी। दूर-दूर से अनेक पूज्य संत-धर्माचार्य एवं विरक्त संतों की मंडली भी 17 जुलाई को ही इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए पधार रही है। संत बाबा बाल, गो सेवा मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी कृष्णानंद, हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित अनेक विभूतियां इस दिव्य आयोजन में सम्मिलित होंगी।