ग्राम पंचायत लठियाणी और बुधान के आधा दर्जन गांवों में पेयजल संकट गहराने लगा है। इसके चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब एक माह से क्षेत्र में पेयजल सप्लाई बंद होने से नलों में पानी की एक भी बूंद तक नहीं टपकी है।
ऐसे में लोगों को मजबूरन अन्य क्षेत्रों से पानी ढोने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विभाग के प्रति कड़ा रोष जताया है। ग्रामीणों रोशन लाल, पूर्ण चंद, किशोरी लाल, आत्मा राम, सुमनलता, विनय कुमार, उषा देवी, निर्मला देवी, पवना देवी, कांता देवी, मनोज कुमार, सुरेंद्र कुमार, महिला मंडल अध्यक्ष मीना देवी, सुनीता देवी, प्रदीप कुमार, सतीश कुमार, ममता देवी, पवना कुमारी, सुमना शर्मा, विजय कुमार शर्मा, साहिल कुमार, प्रमोद कुमार, अजीत डोगरा, रमेश चंद, सत्या देवी आदि का कहना है कि हर साल गर्मियों का सीजन शुरू होते ही आईपीएच की तमाम व्यवस्थाएं हांफ जाती हैं।
लोगों ने कहा कि पेयजल आपूर्ति बाधित होने से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें प्राकृतिक जलस्रोतों से गंदा पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। गांववासियों का कहना है कि यदि विभाग उनकी इस समस्या का जल्द हल कर दो दिन के अंदर स्वच्छ पेयजल मुहैया नहीं करवाता है तो वह विभाग के कार्यालय के बाहर आईपीएच अधिकारियों के आगे खाली घड़े लेकर प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेंगे। आईपीएच विभाग ऊना के एसई एनके शर्मा का कहना है कि मामले उनके ध्यान में है। जल्द विभाग समस्या का समाधान निकालेगा।