भीषण गर्मी में उपमंडल की कई पंचायतों में पेयजल संकट गहरा गया है। पीने के पानी की सप्लाई सुचारु रूप से न मिलने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की सप्लाई न आने के कारण पंचायतों के लोग पीने के पानी के लिए कुओं पर डेरा लगाए हुए हैं।
43 डिग्री के आसपास तापमान के बीच चिलचिलाती धूप में लोग पीने के पानी की बूंद-बूंद को तरस गए हैं। ऐसे में आईपीएच विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। विभाग की ओर से तीन दिन बाद एक घंटे के लिए ग्रामीणों को पानी की सप्लाई दी जा रही है। लेकिन, एक घंटे के लिए दी जाने वाली पानी की सप्लाई की कोई समयसारणी नहीं है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुटलैहड़ की जनता पिछले कई सालों से पानी की समस्या से जूझ रही है, लेकिन आज दिन तक ग्रामीणों की पानी की समस्या का कोई हल नहीं किया गया। लोगों को दिन भर दिहाड़ी मजदूरी कर रात भर जागकर कुओं से पानी भरना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों राकेश कुमार, प्रकाश चंद, रमन कुमार, कृष्ण पाल, रोहित, संतोष कुमार, उर्मिला देवी, राज कुमारी, रचना देवी, सलोचना देवी, सुकन्या देवी, अमृति, शकुंतला, ज्योति रानी, रितु आदि का कहना है कि हर साल गर्मियों में उन्हें पेयजल संकट से जूझना पड़ता है। यह सिलसिला कई सालों से चला आ रहा है, लेकिन आईपीएच विभाग के अधिकारियों ने कुटलैहड़ की जनता की इस समस्या को कभी संजीदगी से नहीं लिया।
इन गांवों में सबसे ज्यादा दिक्कत
उपमंडल बंगाणा के कोहडरा, बुधान, लठियाणी, तनोह, डोहगी, परोइयां, छपरोह, रायपुर, थानाकलां, डूमखर सहित कई गांवों में पेयजल किल्लत चल रही है।
समस्या हल करने का किया जा रहा प्रयास : राणा
आईपीएच विभाग के एक्सईएन केसी राणा का कहना है कि विभाग लोगों की पीने के पानी की समस्या का हल करने को हरसंभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश न होने के कारण क्षेत्र के जल स्रोत सूखने के कारण पानी की किल्लत आ रही है। एक्सईएन ने कहा कि बरनोह पेयजल योजना से लोगों को पानी की सप्लाई दी जा रही है। क्षेत्र के खराब हैंडपंपों को दुरुस्त करवाने के निर्देश दिए गए हैं।