ऊना। शहर में पेयजल के लिए बिछाई गईं पाइप लाइनों की हालत खराब होती जा रही है। इससे जहां एक तरफ पानी की बर्बादी हो रही है, वहीं दूसरी तरफ इन पाइपों के माध्यम से गंदगी भी पेयजल में मिलने की आशंका बनी हुई है। आलम यह है कि नगर परिषद से नगर निगम बनने के बाद भी पानी जैसी मूलभूत सुविधा को सुधारने के लिए कोई खास कदम नहीं उठाए गए हैं। जल शक्ति विभाग भी पाइपों को बदलने के लिए कोई कदम नहीं उठा पाया है। इस समस्या के चलते शहर के कई क्षेत्रों से घरों में लगे नलकों में गंदा पानी आने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
शहर में वर्षों पहले बिछाई गई पाइपलाइनें अब जर्जर हो चुकी हैं। इसके कारण शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बार-बार लीकेज की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे एक ओर हजारों लीटर पेयजल व्यर्थ बह रहा है, साथ ही पेयजल में गंदगी मिलने की आशंका भी बनी हुई है। नगर निगम क्षेत्र में भी जल शक्ति विभाग की तरफ से ही पेयजल आपूर्ति की जाती है। जिन पाइपों के माध्यम से यह पानी लोगों को घरों तक पहुंच रहा है, उसकी सुध लेने के लिए न तो नगर निगम व न ही जल शक्ति विभाग कदम उठा पाया है। विभाग की बैठकों में तो कई बार इस गंभीर समस्या पर चर्चाएं तो हुई हैं लेकिन धरातल पर कोई कार्य नहीं हो पाया है। शहर में कई दशक पहले बिछाई गईं पेयजल पाइपलाइनें अब अपनी निर्धारित आयु पूरी कर चुकी हैं। विभाग की तरफ से इन पाइपों को बदलना तो दूर इन्हें गंदी नालियों से अलग करने के लिए भी कोई कार्य नहीं किया गया है। इस समस्या पर स्थानीय लोगाें ने अपने विचार साझा किए।
1 पुरानी पेयजल पाइपों को बदलने के लिए संबंधित विभाग को उचित कदम उठाने चाहिए। -अनु कुमार, स्थानीय निवासी
2 पुरानी पाइपों को कई जगह पर जंग लग गया है। दूसरी तरफ ये पाइपें गंदी नालियों से होकर गुजरती हैं। इस गंभीर समस्या का समाधान होना चाहिए। अजय कुमार, स्थानीय निवासी
शहर में बेहतर पेयजल सुविधा के लिए नगर निगम जल शक्ति विभाग के साथ मिलकर मास्टर प्लान तैयार कर रही है। इस पर जल्द नई योजना तैयार होगी।
पृथी पाल सिंह, आयुक्त नगर निगम ऊना