बोले, केवल जांच और निलंबन से नहीं सुधरेंगे हालात
अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी दूर करना जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। ऊना जिले के अरनियाला गांव की गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की प्रसव के दौरान हुई मौत को पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र कंवर ने बेहद पीड़ादायक और चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दुख की इस घड़ी में उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं।
जारी प्रेस बयान में वीरेंद्र कंवर ने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद जांच के आदेश देना और संबंधित चिकित्सक को निलंबित करना प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसे समस्या का स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता। जरूरी है कि उन परिस्थितियों की पहचान की जाए, जिनके कारण ऐसी घटनाएं होती हैं, ताकि भविष्य में इनकी पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई स्थानों पर चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी है। सीमित स्टाफ पर बड़ी आबादी के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं। सरकार को अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सक, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारी, आवश्यक उपकरण और बेहतर आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध करवाने को प्राथमिकता देनी चाहिए। स्वास्थ्य संस्थानों की कमियों को दूर किए बिना आम जनता को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध करवाना कठिन है।