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Una News: ईसपुर में शराब का ठेका खोलने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

Mon, 11 May 2026 12:43 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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पंडोगा (ऊना)। हरोली क्षेत्र के गांव ईसपुर में शराब का ठेका खुलने के बाद ग्रामीणों में भारी रोष फैल गया है। गांववासियों ने प्रशासन से नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि जिला प्रशासन को लिखित ज्ञापन देकर गांव के बीच ठेका न खोलने की मांग की थी लेकिन उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज कर ठेका शुरू कर दिया गया। अब ग्रामीण एकजुट होकर इसके विरोध में उतर आए हैं और ठेका तुरंत बंद करने की मांग कर रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर शराब का ठेका खोला गया है, उसके आसपास रिहायशी इलाका, खेत और लोगों की आवाजाही रहती है। खास बात यह है कि कुछ ही दूरी पर राधा स्वामी सत्संग ब्यास घर भी स्थित है। गांव के बुजुर्गों और महिलाओं ने चिंता जताई है कि ठेका खुलने से गांव का सामाजिक माहौल प्रभावित होगा और युवाओं पर भी इसका गलत असर पड़ सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार गांव में पिछले कई वर्षों से युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं लेकिन अब गांव के बीच शराब की बिक्री शुरू होने से स्थिति गंभीर हो सकती है। महिलाओं ने भी ठेके के विरोध में खुलकर आवाज उठाई है। उनका कहना है कि शाम के समय ठेके के आसपास भीड़ लगने का डर रहेगा, इससे महिलाओं और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ समय पहले इस संबंध में उन्होंने डीसी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा था, जिसमें स्पष्ट रूप से गांव की आबादी और सामाजिक माहौल को देखते हुए ठेका मंजूर न करने की मांग की गई थी। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा ठेका खोल दिए जाने से लोगों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया, तो गांववासी आंदोलन और प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।







पूर्व प्रधान ईसपुर बक्शो देवी ने कहा कि हमने पहले भी प्रशासन से गुहार लगाई थी कि गांव में शराब का ठेका नहीं होना चाहिए। इसका बच्चों और परिवारों पर गलत असर पड़ेगा लेकिन हमारी बात नहीं सुनी गई।
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पूर्व प्रधान ईसपुर सुदेश कुमारी ने कहा कि गांव के बीच शराब की बिक्री उचित नहीं है। ठेका खुलने से महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को अपने फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए।
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स्थानीय निवासी दिनेश मिन्हास का कहना है कि पूरा गांव एकजुट होकर ठेके का विरोध कर रहा है। प्रशासन को जनता की भावनाओं को समझना चाहिए। ठेका खुलने से लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
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स्थानीय निवासी महेश कंग ने कहा कि हमारा गांव हमेशा शांत माहौल के लिए जाना जाता है। शराब का ठेका खुलने से माहौल बिगड़ने और झगड़े बढ़ने का खतरा है।
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