बंगाणा (ऊना)। हिमुडा कालोनी बंगाणा में श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास आचार्य जगमोहन दत्त शास्त्री ने श्रीमद् भागवत का अर्थ बताया। कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का पावन आयोजन श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और तपस्या का संदेश लेकर आया। कथा व्यास ने कथा के दौरान इन चारों तत्वों के महत्व को विस्तार से समझाया। बताया कि श्रीमद् भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला दैवीय ज्ञान है। उन्होंने कहा कि भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और तपस्या ये चारों तत्व साधक को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। भक्ति हृदय की निर्मलता लाती है, ज्ञान अज्ञान के अंधकार को मिटाता है, वैराग्य मोह-माया से मुक्त करता है और तपस्या जीवन को अनुशासन में लाकर साधक को भगवान के और करीब ले जाती है। इस दौरान कथा आरती विराम के बाद सभी सैकड़ों भक्तों ने विशाल भंडारे का प्रसाद भी ग्रहण किया। इस मौके पर कथा आयोजक नरेश कुमार लक्की, पूजा सोनी, राजन सोनी, बिंदु सोनी, देसराज मोदगिल, दिनेश खत्री, मनु खत्री, मदन गोपाल बोहरा, मधु बोहरा, तिलक राज बांटा, मधु बाला, ज्योति वर्जाता, हंसराज वर्जाता, बबीता कुटलैहडिया, रामपाल ठाकुर,अनीता ठाकुर व दर्जनों श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद