कहा, पटवारी कानूनगो संघ का पूर्णतया तर्कहीन कथन
बयान में कहा था-केवल उपायुक्त कार्यालय में ही है द्वि-स्तरीय पदोन्नति प्रणाली
निर्धारित कोटे के साथ छेड़छाड़ की तो संघ अपनाएगा आंदोलन का रास्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। उपायुक्त कार्यालय ऊना के कर्मचारी संघ के प्रधान अशोक कुमार, महासचिव गगन जसवाल ने संयुक्त बयान में कहा कि प्रदेश पटवार और कानूनगो संघ का यह कथन तर्कहीन है कि द्वि-स्तरीय पदोन्नति प्रणाली केवल उपायुक्त कार्यालय में ही है। जबकि, इस व्यवस्था का प्रावधान हिमाचल प्रदेश सरकार के अधीनस्थ अन्य विभागों में सचिवालय प्रशासन, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय एवं कल्याण विभाग, शहरी विकास विभाग, सूचना एवं जन संपर्क विभाग, परिवहन विभाग, सहकारिता विभाग, प्रदेश आबकारी व कराधान विभाग, उद्योग विभाग, पंचायती राज विभाग, श्रम एवं रोजगार विभाग, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग, स्थानीय लेखा परीक्षा विभाग, शिक्षा विभाग में भी है। इसके अलावा अधीक्षक वर्ग-।। के पद पर पदोन्नति के लिए समस्त विभागों में 100 प्रतिशत पद के लिए वरिष्ठ सहायक पोषक वर्ग है। पटवार एवं कानूनगो संघ ने कानूनगो से नायब-तहसीलदार पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित लिपिक वर्ग का 20 प्रतिशत कोटे को समाप्त कर इनके कोटे को 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने की मांग की। पटवार संघ की इस मांग को राज्य की सभी सरकारों ने तार्किक नहीं समझा। लेकिन, पटवार एवं कानूनगो संघ राज्य कैडर की आड़ में सरकार पर उक्त मांग को पूरा करने के लिए अनुचित दबाव बना रहा है और समिति कमेटी ने उक्त कोटे के बारे में अपनी संस्तुति सहित रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी महासंघ से बिना किसी चर्चा किए सरकार को भेज दी है। उन्होंने बताया कि महासंघ ने मांग की है कि पदोन्नति नियमों में छेड़छाड़ न की जाए। निर्धारित कोटे के साथ कोई छेड़छाड़ की जाती है तो इसके लिए महासंघ को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।