ऊना। ऊना से मलाहत होते हुए पीजीआई सेटेलाइट सेंटर और तलाई को जाने वाले मार्ग पर रेलवे फाटक आने वाले दिनों में यातायात में बाधक नहीं बनेेगा। ट्रेनें बिना रोक-टोक आ जा सकेंगी। केंद्र सरकार ने मलाहत स्थित रेलवे फाटक के पास अंडरपास की सुविधा के लिए 19.23 करोड़ रुपये की राशि मंजूूर की है। यह बात स्थानीय परिधि विश्राम गृह में सोमवार को पत्रकारवार्ता में भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने दी। सत्ती ने इस दौरान प्रदेश में कई सरकारी संस्थान बंद करने पर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। पूर्व विधायक सतपाल रायजादा पर कर्मचारियों को तबादले करने की धमकियां देने का आरोप लगाया। कहा कि सर्वे के बाद मलाहत सड़क पर रेलवे फाटक के पास अंडरपास आने वाले तीन वर्ष में बनकर तैयार होगा।
यहां आने वाले समय में पीजीआई सेटेलाइट सेंटर मार्ग की आवाजाही करने वाले वाहनों सहित बीहड़ू, पीर निगाह, तलाई आदि गांवों के लोगों की यातायात संबंधित समस्या दूर होगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के प्रयासों से बड़ी योजना मंजूर हुई है। यहां अंडरपास या ओवरब्रिज की सुविधा की जरूरत है। उसकी संभावनाएं देखी जा रही है। कांग्रेस सरकार ने नकारात्मक रुख अपनाया है। कांग्रेस अब पुराने मुख्यमंत्री से काबिल बनें और बिना ऋण सरकार चलाएं।
उन्होंने कहा कि ऊना नगर निगम बनने पर गांवों के मनरेगा, गृहकर, पीने के पानी का बिल न आने, इन सब चीजों का भी विशेष ध्यान रखा जाए। आयुष्मान, हिम केयर योजनाओं पर भी राशि जारी करने के सरकार बहाने बना रही है। भाजपा राज में अवैध खनन पर कभी पोकलेन, जेसीबी और बड़े स्तर पर टिपर नहीं पकड़े गए। अब आधी रात पकड़े जा रहे हैं। पटियाला से जेसीबी चलकर यहां ऊना की स्वां नदी में कैसे पहुंच गई, इनके नाम उजागर हों। कुछ छुटभैया नेता कार्यालयों में विकास कार्यों के ठेकों की राशि की अदायगी उनसे पूछे बगैर न करने की धमकी दे रहे हैं। काम करने वालों का पैसा हाईकोर्ट के माध्यम से भी दिलाया जाएगा।