विशेषज्ञ के अवकाश पर चले जाने से बढ़ जाती है परेशानी
प्रबंधन ने एक अतिरिक्त सर्जन की तैनाती की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में वर्तमान में केवल एक ही सर्जन तैनात हैं। प्रबंधन की तरफ से कई बार अतिरिक्त सर्जन की नियुक्ति के लिए उच्च अधिकारियों के समक्ष मांग रखी गई, लेकिन अभी तक विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो पाई है।
यदि सर्जन किसी कारण से अवकाश पर चले जाएं तो आपातकालीन और अन्य ऑपरेशन के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग ने रेडियोलॉजिस्ट और चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती कर दी है, लेकिन सर्जन की तैनाती अभी भी लंबित है।
इस स्थिति के कारण ओपीडी में मरीजों का इंतजार लंबा हो रहा है। ऑपरेशन करवा चुके मरीजों की देखभाल और नियमित जांच का जिम्मा भी एक ही सर्जन पर है, जिससे प्रबंधन को भी अस्पताल की व्यवस्थाएं बनाने में कठिनाई हो रही है।
क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना लगभग 100 लोग सर्जरी ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं, जिनमें उन मरीजों को भी शामिल किया गया है जिन्होंने पहले विभिन्न प्रकार के ऑपरेशन कराए हैं। जिले का सबसे बड़ा अस्पताल होने के कारण विभिन्न उपमंडलों से लोग यहां उपचार के लिए आते हैं। इसके अलावा सड़क हादसों में घायल मरीजों को भी क्षेत्रीय अस्पताल रेफर किया जाता है।
वरिष्ठ नागरिक फोरम ऊना के अध्यक्ष जीआर वर्मा ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में एक अतिरिक्त सर्जन की तैनाती होनी चाहिए, ताकि लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
कोट्स
क्षेत्रीय अस्पताल में वर्तमान में केवल एक सर्जन सेवाएं दे रहे हैं। विभाग के एक अतिरिक्त सर्जन की तैनाती की मांग उठाई गई है। तैनाती प्रक्रिया विभाग के स्तर पर होती है। -डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना