सोनोलॉजिस्ट की स्थायी तैनाती नहीं होने से बढ़ी दिक्कतें, मजबूरी में निजी केंद्रों का रुख कर रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। नागरिक अस्पताल अंब में सोनोलॉजिस्ट की स्थायी तैनाती नहीं होने से अल्ट्रासाउंड सुविधा प्रभावित हो रही है। अस्पताल में सप्ताह में केवल एक दिन ही अल्ट्रासाउंड हो पा रहे हैं, जिससे खासकर गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई महिलाओं को जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ को मजबूरी में निजी अस्पतालों और लैब का रुख करना पड़ रहा है।
अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। गर्भावस्था के दौरान समय-समय पर अल्ट्रासाउंड करवाना मां और शिशु के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होता है, लेकिन सप्ताह में केवल एक दिन सुविधा मिलने के कारण मरीजों की लंबी सूची तैयार हो जाती है। इससे कई महिलाओं की निर्धारित समय पर जांच नहीं हो पाती।
जानकारी के अनुसार, नागरिक अस्पताल अंब में वर्तमान में स्थायी सोनोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दूसरे अस्पताल से विशेषज्ञ चिकित्सक को सप्ताह में एक दिन बुलाकर अल्ट्रासाउंड करवाए जा रहे हैं। हालांकि, यह व्यवस्था मरीजों की बढ़ती संख्या के सामने पर्याप्त साबित नहीं हो रही है।
अस्पताल में दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं जांच के लिए पहुंचती हैं। नागरिक अस्पताल अंब के अंतर्गत करीब 50 पंचायतों का स्वास्थ्य जिम्मा है। ऐसे में सोनोलॉजिस्ट की स्थायी तैनाती नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
रोजाना 50 से 60 मरीज पहुंच रहे गायनी ओपीडी में
नागरिक अस्पताल अंब की गायनी ओपीडी में रोजाना औसतन 50 से 60 मरीज पहुंचते हैं। इनमें गर्भवती महिलाओं की संख्या अधिक होती है। चिकित्सक जांच के दौरान कई महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह देते हैं, लेकिन अस्पताल में सीमित सुविधा होने के कारण उन्हें निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है।
कोट:
नागरिक अस्पताल अंब में शुक्रवार को ही अल्ट्रासाउंड होते हैं। स्थायी रूप से सोनोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए उच्च अधिकारियों के समक्ष मांग उठाई गई है। -डॉ. राहुल कतना, खंड स्वास्थ्य अधिकारी अंब