ऊना। बैंकाक के एक होटल में नौकरी दिलाने के नाम पर दो युवकों के साथ डेढ़ लाख रुपये की ठगी हुई है। पुलिस थाना सदर ऊना में शिकायत के आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता खुशी राम पुत्र गीता राम गांव कोट डाकघर मैहंडी तहसील करसोग जिला मंडी की शिकायत पर रमन कुमार निवासी उत्तराखंड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह ऊना में ओलिव ट्रोटर होटल में एफ एंड बी कैप्शन के पद पर कार्यरत है। इस से पहले वह ऊना में ही शुकराना रिसॉर्ट्स और एसपीए होटल में कार्यरत था। इस रिसॉर्ट्स में इसके साथ उत्तराखंड का सौरभ परिहर भी काम करता था। सौरभ परिहर ने उसे बताया था कि बैंकाक में एक होटल में सर्विस के लिए वैकैंसी है और उसका जानने वाला एक व्यक्ति रमन जो कि उत्तराखंड का रहने वाला है, बैंकाक में रहता है, जो इन्हें होटल में जॉब पर लगा देगा।
सौरभ ने यह भी बताया कि रमन इन्हें वर्क परमिट भी दिला देगा। सितंबर 2025 में रमन ने इनका टूरिस्ट वीजा और हवाई यात्रा के टिकट का प्रबन्ध कर दिया था। इसके लिए इन दोनों ने रमन को 75000-75000 रुपये बैंक से ट्रांसफर किए थे और दिल्ली से बैंकाक चले गए थे। इन्हें बैंकाक एयरपोर्ट में उत्तर प्रदेश के रहने वाले एक व्यक्ति ने रिसीव किया और स्लीप कैफे में ले गया। उस कैफे में दोनों तीन दिन रहे। उसके बाद उत्तराखंड निवासी नितिन रमोला उर्फ पावलो जो कि सौरभ का जानने वाला था, ने इन्हें बताया कि रमन का रेस्टोरेंट अभी ओपन नहीं हुआ है तथा इन्हें म्यांमार-थाईलैंड बॉर्डर पर म्यांमार आर्मी के पार्क कंपनी में ले गए। वहां पर लोकल आर्मी के अलावा चाईनीज लोग भी थे। चाईनीज लोगों ने इनकी जबरदस्ती वीडियो बनाई और इनके पासपोर्ट अपने पास रख लिए। 15 दिन के बाद वहां पर म्यांमार की आर्मी आई। जिन्हें इन्होंने अपनी समस्या बताई तो उन्होंने इन्हें वहीं लोकल म्यांमार आर्मी के हवाले कर दिया। जहां पर ये करीब डेढ़ महीना रहे। डेढ़ महीने के बाद थाईलैंड आर्मी ने भारतीय एंबैसी के हवाले कर दिया। एसपी ऊना अमित यादव ने बताया कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच जारी है।