जिले में दो मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाएंगे। इनमें बच्चों को बैठने के साथ सीखने की बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। आंगनबाड़ुी भवन को भी आकर्षक बनाया जाएगा।
यह जानकारी उपायुक्त अभिषेक जैन ने दी। वह सोमवार को आईसीडीएस की जिला स्तरीय निगरानी एवं समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निजी घरों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को चिन्हित करने के आदेश दिए। कहा कि इनके लिए भूमि का चयन किया जाए।
जमीन विभाग के नाम हस्तांतरित करने के लिए जल्द कार्रवाई अमल में लाई जाए। विभागीय आंकड़ों के अनुसार विभिन्न विकास खंडों में शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) के मामले सामने आने पर उन्होंने संबंधित जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों को इस बारे विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर के मामले सामने आना एक गंभीर मामला है, इसके लिए आंगनबाड़ी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय होगी। आईएमआर को लेकर संबंधित विभागों की प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर कारणों की समीक्षा को लेकर एडीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी भी गठित की है।
58 आंगनबाड़ी भवन निर्माण को मिली स्वीकृति
डीसी ने बताया कि जिला में सरकार ने 58 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान की है। इसमेें से 30 का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है जबकि 25 अन्य निर्माणाधीन है। उन्होंने बताया कि जिला में किशोरी शक्ति योजना के अंतर्गत जुलाई-सितंबर, 2015 तक कुल 11 शिविर लगाए गए जिसमें लगभग 674 किशोरियों ने भाग लिया।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस रंजीत सिंह, उपनिदेशक एवं पीओ डीआरडीए राजेंद्र गौतम, जिला पंचायत अधिकारी रमन कुमार शर्मा, उप निदेशक बागवानी डॉ. एमएस राणा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा विपन शर्मा, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा एचआर गुलेरिया, बीडीओ हेम चंद शर्मा, जगदीश भभौरिया, राज कुमार कंवर, सुदर्शन सिंह, डॉ. जयवंती ठाकुर, प्रधानाचार्य डाइट कमलदीप सिंह, सीडीपीओ रूपेश तोमर, किशोर सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।