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Una News: 600 रुपये प्रति क्विंटल मिल रही तूड़ी

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पिछले दो साल में 1000 रुपये प्रति क्विटंल पहुंच गए थे तूड़ी के दाम
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होशियारपुर और पंजाब के अन्य हिस्सों से हर वर्ष खरीदी जाती है तूड़ी

अमूमन जनवरी में बढ़ती है पशुओं के चारे की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिले के पशुपालक इन दिनों चारे के जुगाड़ के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। अमूमन जनवरी में पशुओं के चारे तूड़ी की कमी आ जाती है। पशुपालक तूड़ी पंजाब के होशियारपुर से मंगवाते हैं। प्रतिदिन कई टेंपो भरकर तूड़ी की आपूर्ति हो रही है। वर्तमान में तूड़ी के दाम प्रति क्विंटल 600 रुपये चल रहे हैं। जबकि, दो साल पहले तूड़ी के दाम 1000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे। इस बार के दाम किसानों के लिए राहत देने वाले हैं। जिले में एक लाख से अधिक पशुओं का पालन हो रहा। इसके लिए पशुपालकों को हर वर्ष हजारों क्विंटल चारे की आवश्यकता पड़ती है। बीते दो साल में तूड़ी के दाम में बेतहाशा वृद्धि हुई। इस साल राहत मिली है।
पिछले साल कम बरसात के चलते हरा घास कम हुआ। इससे चारे के तौर पर तूड़ी का इस्तेमाल अधिक हुआ। दिसंबर के अंतिम दिनों में तूड़ी का चारा खत्म हो गया और पशुपालकों ने इसकी खरीद करनी शुरू कर दी।
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पशुपालक प्रेमचंद, रविंद्र कुमार, शिव कुमार, अश्विनी शर्मा, सतीश कुमार ने बताया कि गेहूं की कटाई को ढाई माह की अवधि बाकी है। इसके बाद नई तूड़ी उपलब्ध हो जाएगी। इस समय तूड़ी की खरीद कर रहे हैं। इस बार तूड़ी के दाम अधिक नहीं है। जबकि, बीते सालों में मनमाने दाम वसूले गए थे। इससे उन्हें खासा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा था।
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कोट्स

तूड़ी पशुओं के मुख्य चारे में शुमार है। पशुपालकों में इसकी काफी मांग रहती है। बीते एक दशक में तूड़ी का इस्तेमाल बढ़ा है। लोग अब हरे चारे के लिए घास की कटाई कम करते हैं। जबकि, एक दशक पहले हरा घास का पशुओं के चारे में इस्तेमाल करने का चलन अधिक था।

डॉ. विनय शर्मा, उपनिदेशक, जिला पशुपालन विभाग।
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