बीएस-6 वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश की है अनुमति
ट्रक यूनियन ऊना में 150 ट्रक पंजीकृत, बीएस-6 ट्रकों की संख्या मात्र 10
जिले में आलू की फसल को दिल्ली एनसीआर पहुंचाना हुआ मुश्किल
चिंतपूर्णी से चलने वाली पुरानी वोल्वो बस भी हुई बंद
ऊना डिपो की तरफ से दिल्ली के सात रूटों पर भेजी जा रहीं
आशुतोष डोगरा
ऊना। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का असर ऊना जिला में भी देखने को मिला है। न्यायालय के निर्देशों के तहत दिल्ली एनसीआर में केवल बीएस-6 वाहनों के आने की ही अनुमति है। ऐसे में पुरानेे वाहनों को दिल्ली एनसीआर में प्रवेश की अनुमति नहीं मिल रही। इससे ट्रक और टैक्सी संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसे में वाहन मालिकों को वाहनों की किस्तें और अन्य खर्चे निकालने भी मुश्किल हो गए हैं। दिल्ली में एक्यूआई का स्तर 500 तक पहुंचने पर पुराने वाहनों के मालिकों की परेशानी बढ़ गई है। इन्हें दिल्ली जाने की अनुमति नहीं है। ऐसे वाहन मालिकों के पास बीएस-6 वाहन नहीं है और वह ट्रक व टैक्सी का संचालन कर अपनी रोजी कमाते हैं।
इन दिनों जिले में आलू की फसल निकल रही है। ऐसे में किसानों की तरफ से आलू को दिल्ली एनसीआर में बेचने के लिए ट्रकों के माध्यम से ले जाया जाता है। वर्तमान में ट्रक यूनियन ऊना में 150 ट्रक पंजीकृत हैं। लेकिन, यूनियन में बीएस-6 ट्रकों की संख्या 10 है। ऐसे में यूनियन के शेष ट्रकों को दिल्ली एनसीआर की जाने की अनुमति नहीं है। जहां औसतन 20 से 30 ट्रक दिल्ली के लिए सामान व अन्य उत्पाद लाने या छोड़ने के लिए जाते थे, अब बीएस-6 ट्रक ही उत्पाद लेने के लिए दिल्ली जा पा रहे हैं। दूसरी तरफ टैक्सी यूनियन ऊना में ही 55 टैक्सी परमिट हैं। इन टैक्सी संचालकों के पास आल इंडिया टूरिस्ट परमिट भी हैं। लेकिन, बीएस-6 टैक्सियों की संख्या 30 ही है। ऐसे में टैक्सी संचालकों का कहना है कि वे बाकायदा सरकार को टैक्स देते हैं, उन्हें दिल्ली जाने से नहीं रोका जाना चाहिए। टैक्सी यूनियन के प्रधान सुरेंद्र ने बताया कि ऊना से एक सप्ताह में औसतन पांच से दस टैक्सी दिल्ली से सवारी को लेने के लिए जाती हैं। अब अधिकतर टैक्सी बीएस-6 न होने से संचालकों की परेशानी बढ़ गई है। दूसरी ओर एचआरटीसी ऊना की तरफ से दिल्ली के लिए सात रूटों का संचालन होता है। इन रूटों पर बीएस-6 बसों को ही भेजा जा रहा है। इसके अलावा चिंतपूर्णी से दिल्ली जाने वाली बीएस-4 वोल्वो बस जिसका संचालन व देखरेख शिमला से होता है, उस बस रूट को बंद कर दिया गया है।
कोट्स
ट्रक यूनियन के प्रधान सुरजीत सिंह ने बताया कि दिल्ली एनसीआर में केवल बीएस-6 ट्रकों को जाने दिया जा रहा है। इससे ट्रक संचालकों को विभिन्न खर्चे निकालना मुश्किल हो गया है। वहीं, एचआरटीसी ऊना के डीडीएम ई. सुरेश धीमान ने बताया कि नियमों के अनुसार दिल्ली के लिए बीएस-6 बसें सुचारू रूप से भेजी जा रही हैं।