अंब(ऊना)। उपमंडल अंब क्षेत्र में आलू लोड कर रहे एक किसान सुशील कुमार द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जिसमें स्थानीय ट्रक ऑपरेटर यूनियन के सदस्यों पर जबरन टैक्स वसूलने और किसानों को अपनी पसंद के वाहन चुनने से रोकने का आरोप लगाया गया है।
किसान ने वीडियो में और बाद में मीडिया से बातचीत में बताया कि वह और अन्य किसान अपनी उपज (आलू) मंडियों तक ले जाने के लिए यूनियन से बाहर गाड़ियां मंगवाने पर स्थानीय ऑपरेटरों की धमकियों और जबरन वसूली का सामना कर रहे हैं। सुशील कुमार के अनुसार स्थानीय यूनियन द्वारा बताई गई दरें बाजार दरों से अधिक हैं। जब किसान कम दरों पर बाहर से ट्रक मंगवाते हैं तो यूनियन के सदस्य उन्हें रोकते हैं और कथित तौर पर 500 रुपये की पर्ची काटने के लिए मजबूर करते हैं। जिस पर कोई राशि अंकित नहीं होती है। किसान ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें गाड़ी खाली करवाने की धमकियां दी जाती हैं। जिससे उन्हें यह वीडियो बनाने पर मजबूर होना पड़ा। उधर, स्थानीय ट्रक ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष मस्तान सिंह ने इन आरोपों का खंडन किया है।
उन्होंने कहा कि यूनियन के पास 300 से अधिक गाड़ियां हैं और वे किसानों को प्रतिस्पर्धी और बेहतर दरों पर सेवाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हमारा ऐतराज केवल इतना है कि किसान बाहरी राज्यों से गाड़ियां न मंगवाकर स्थानीय ऑपरेटरों को काम दें। जबरन पर्ची काटने के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने दावा किया कि केवल वे किसान जो स्वेच्छा से यूनियन की सेवाएं लेते हैं, उनकी ही पर्ची काटी जाती है और किसी के साथ कोई जबरदस्ती नहीं की जाती है। संवाद