जानकारी के अनुसार मंगलवार को गणु मंदवाड़ा पेयजल योजना से ट्रांसफार्मर चोरी हो गया जिसके चलते पानी की सप्लाई ठप हो गई। विभाग ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की ओर तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया। बुधवार को ट्रांसफार्मर स्थापित कर पेयजल योजना को दोबारा चालू कर दिया गया, जिससे जल आपूर्ति बहाल हो गई।
जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता जोगिंद्र सिंह ने बताया कि स्कीम से ट्रांसफार्मर चोरी होने की शिकायत देर शाम पुलिस को दे दी गई थी। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।
चोरों के हौसले बुलंद, हाई वोल्टेज का भी नहीं डर
गणु मंदवाड़ा पेयजल स्कीम से ट्रांसफार्मर चोरी की घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। यह कोई आम चोरी नहीं बल्कि चोरों के बेखौफ इरादों और प्रशासनिक लापरवाही का खुला उदाहरण बनकर सामने आई है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि क्षेत्र में अधिकांश बिजली ट्रांसफार्मर पूरी तरह खुले और सुनसान स्थानों पर स्थापित हैं, जहां न तो सुरक्षा के कोई इंतजाम हैं और न ही नियमित निगरानी। यही वजह है कि ये ट्रांसफार्मर चोरों के लिए सॉफ्ट टारगेट बनते जा रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन ट्रांसफार्मर में हाई वोल्टेज बिजली प्रवाहित होती है। इसके बावजूद चोर बिना किसी भय के इन्हें निशाना बना रहे हैं। साफ जाहिर होता है कि चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्हें जान का भी खतरा नहीं है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ट्रांसफार्मरों के चारों ओर फेंसिंग, सीसीटीवी निगरानी और पुलिस गश्त को अनिवार्य किया जाए। चौकी प्रभारी एसआई रविपाल ने बताया कि क्षेत्र के सीसीटीवी की जांच की जा रही है ताकि कोई सुराग हासिल कर शातिर चोरों तक पहुंचा जा सके।