टीबी मुक्त हिमाचल एप पर मरीजों का डाटा दर्ज करने की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को सिविल अस्पताल अंब में कार्यशाला का आयोजन किया गया। ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला में अंब और गगरेट ब्लॉक के आयुष चिकित्सकों के साथ-साथ सरकारी और निजी केमिस्टों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य टीबी रोग की पहचान में होने वाली देरी को कम करना और कफ सर्विलांस को और अधिक मजबूत बनाना रहा। भंजाल के उपमंडल आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने कार्यशाला का संचालन किया और आधुनिक तकनीक व आईवीआरएस वर्क फ्लो के महत्व के बारे में जानकारी दी, ताकि संभावित मरीजों की ट्रैकिंग और उन्हें अस्पताल भेजने की व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। कार्यशाला के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को टीबी मुक्त हिमाचल एप पर मरीजों का डाटा दर्ज करने, दवा वितरण की सही प्रक्रिया अपनाने और संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच सुनिश्चित करने के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान सैंपल लेने की सही विधि और उससे जुड़ी सावधानियों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि अधिकांश मरीज शुरुआत में स्थानीय केमिस्ट या आयुष डॉक्टरों के पास पहुंचते हैं, इसलिए इन हितधारकों का जागरूक होना बहुत जरूरी है ताकि मरीज का इलाज तुरंत शुरू हो सके। बीएमओ अंब डॉ. राहुल कतना, बीएमओ गगरेट डॉ. पंकज पराशर और ड्रग इंस्पेक्टर रजत शर्मा ने सभी से आपसी तालमेल के साथ काम करने का आह्वान किया ताकि हिमाचल प्रदेश को जल्द ही टीबी मुक्त बनाया जा सके।