मैड़ी में स्नान करते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
होली के दिन बाबा बड़भाग सिंह की साक्षात उपस्थिति और उनके आशीर्वाद स्वरूप पंजे के प्रसाद के लिए मैड़ी में श्रद्धालुओं ने डेरा जमा लिया है। रोगों और दुखों से मुक्ति और मुरादों को पूरा करने वाले इस पवित्र स्थल पर होली के दिन बाबा जी की उपस्थिति साक्षात मानी गई है। 23 मार्च को क्षेत्र के धार्मिक स्थलों में झंडा चढ़ाए जाने की रस्म से पहले मेले के छठे दिन सोमवार को पूरा मेला क्षेत्र श्रद्धालुओं से भर गया है। बाबा जी के रंग में रंगे इस धार्मिक स्थल डेरा बाबा बड़भाग सिंह बेरी साहिब, गुरुद्वारा मंजी साहिब, कुज्जासर, मंदिर वीर नाहर सिंह तथा पवित्र चरण गंगा में देर रात से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का आना जारी हो गया है।
उधर मेले में मुख्य रूप से पंजाब से आने वाले श्रद्धालु वाहनों को सड़क किनारे पंजाबी में साइन बोर्ड न होने के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारी वाहनों की पार्किंग के लिए चिन्हित स्थल पर जाने वाले वाहनों को एनएच 3 पर स्थित ज्वार होकर मैड़ी जाना पड़ता है, लेकिन ज्वार में हिंदी के साइन बोर्ड होने के चलते वाहन चालक कई कई किलोमीटर आगे निकल रहे हैं। इससे जहां श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, एचएन पर भी ज्यादा दूरी तक हैवी ट्रैफिक की समस्या उत्पन्न होने का खतरा है। स्थानीय अनिल कुमार, संजू, सुरेंद्र कुमार, राजेश तथा राजू आदि का कहना है कि रोजाना दर्जनों वाहन ज्वार से मैड़ी लिंक रोड पर मुड़ने के बजाय सीधे नादौन की ओर निकल रहे हैं। गलती का अहसास होने पर उन्हें कई किलोमीटर से वापस लौटना पड़ रहा है।
मेले में बरती जा रही सतर्कता : एएसपी
मेले में पटियाला से आई एक वृद्धा श्रद्धालु बिंदर कौर पत्नी भगवान सिंह पहुंची हैं। महिला के मुताबिक वह देवीगढ़ पटियाला से आए श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ मेले में आई थीं, लेकिन वह उनसे बिछुड़ गईं। मेला स्थित सूचना केंद्र में तैनात पंचायत निरीक्षक मल्कीयत सिंह ने बताया कि महिला को उसके साथियों से मिलवाने के लिए सूचना प्रसारित की जा रही है। पुलिस मेला अधिकारी एएसपी मदनलाल कौशल ने बताया कि मेले में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।