स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के बाद सभी स्वास्थ्य खंडों को जारी हुए निर्देश
आशा वर्कर आंगनबाड़ी केंद्रों की ओर से भी मुहैया करवाए जाएंगे ओआरएस के पैकेट
आशा वर्कर और स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर ओआरएस के पैकेट बांटेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में डिहाइड्रेशन और डायरिया से बचाव के लिए बरसात से पूर्व ही स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्वास्थ्य खंडों को एहतियातन अस्पतालों में ओआरएस काॅर्नर बनाने के निर्देश दिए हैं। इन कॉर्नर के माध्यम से लोगों को डायरिया, पीलिया और जल जनित रोगों के बारे में जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही ओआरएस के पैकेट भी वितरित किए जाएंगे।
जलजनित रोगों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जलजनित रोगों की चपेट में अधिकतर बच्चे ही आते हैं। पीलिया, डायरिया सहित अन्य जलजनित रोगों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले में क्षेत्रीय अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी स्तर पर ओआरएस कॉर्नर खोले जाने हैं। बता दें कि क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना औसतन 20 से 25 मामले जल जनित रोगों से संबंधित आ रहे हैं।
वर्तमान में जिले में एक क्षेत्रीय अस्पताल, पांच सिविल अस्पताल, नौ सीएचसी और 24 पीएचसी चल रहे हैं। सभी अस्पतालों में ओआरएस काॅर्नर स्थापित किए जाएंगे। सिविल और क्षेत्रीय अस्पताल में इन काॅर्नरों को शिशु वार्ड के नजदीक स्थापित किया जाएगा। यहां पर बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाया जाएगा। साथ ही जरूरत पड़ने पर जिंक टेबलेट भी दिए जाएंगे। इसके अलावा अभिभावकों को ओआरएस के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। बरसात के मौसम में बच्चों में डायरिया फैलने का खतरा अधिक रहता है। बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग निशुल्क ओआरएस के पैकेट वितरित करेगा। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मी और आशा वर्कर को जिम्मेवारी सौंपी गई है। आशा वर्कर और स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर ओआरएस के पैकेट वितरित करेंगे।
कोट्स
ओआरएस कॉर्नर स्थापित करने के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा आशा वर्कर के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का काम जल्द शुरू होगा। अभिभावकों को ओआरएस के पैकेट भी वितरित किए जाएंगे।
डॉ. एसके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना