क्षेत्र के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा रुद्रानंद में पंचभीष्म महापर्व के उपलक्ष्य पर हजारों श्रद्धालुओं ने अखंड धूने पर शीश नवा कर सुग्रीवांनद महाराज से आशीर्वाद लिया। सोमवार सुबह से ही डेरे में श्रद्धालुओं की अखंड धूने पर माथा टेकने को कतारें लगनी शुरू हो गई थीं।
कई श्रद्धालुओं को घंटों तक कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे श्रीश्री 1008 वेदांताचार्य सुग्रीवानंद महाराज ने हवन यज्ञ में पूर्णाहुति डाली। पूर्णाहुति के दौरान यज्ञशाला में काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस बीच आश्रम परिसर में हरि बोल, हरि बोल के भजन गूंजते रहे। सोमवार को आश्रम परिसर में सुबह पांच बजे से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था।
चारों तरफ से आश्रम परिसर खचाखच भरा हुआ था। इस दौरान अखंड धूने पर माथा टेकने के लिए श्रद्धालुओं की लाइनें लगी हुई थीं। यज्ञशाला में पूर्णाहुति के बाद सुग्रीवानंद महाराज अखंड धूने पर आए। इसके उपरांत सुग्रीवानंद महाराज के शिष्य आचार्य हेमानंद धूने पर रहे। देरशाम तक धूने पर माथा टेकने वालों का सिलसिला जारी रहा। धूने पर धर्मपाल शर्मा, शिव हरिपाल, अरुण शर्मा और संजीव सहोड़ ने अपनी सेवाएं दीं। उधर, अंतिम दिन वृंदावन से आए कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का मंचन कर श्रद्धालुओं को निहाल किया। आश्रम के प्रवक्ता प्रो. शिव कुमार शर्मा ने बताया कि नौ दिवसीय महायज्ञ में स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक विभाग की ओर से चिकित्सा शिविर लगाए गए, जिसमें दस हजार से अधिक लोगों ने अपनी जांच करवाई।
दोनों शिविरों में लोगों को विभाग की ओर से दवाइयां फ्री दी गईं। इस मौके पर तिलकराज शास्त्री, प्रो. इंद्रदत्त उनियाल, बाबा रुद्रानंद सेवक मंडल दिल्ली के प्रधान मंगल दास, चंडीगढ़ मंडल के प्रधान एसडी शर्मा, शिमला मंडल के प्रधान अरविंद शर्मा, सलोह मंडल के अनिल शर्मा, ऊना मंडल के अजय जगोता, जेपी शर्मा, अंब मंडल के अश्विनी अरोड़ा, निरंजन शास्त्री, डॉ. नरेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।