मैहतपुर (ऊना)। ऊना जिला के सीमावर्ती इलाके मैहतपुर में बिना पंजीकरण के हजारों प्रवासी डेरा डाल चुके हैं, लेकिन उनके नाम-पते की जानकारी कहीं दर्ज नहीं है। वहीं, ग्राम पंचायतों, नगर परिषद अथवा स्थानीय पुलिस थाने के रिकॉर्ड में भी संबंधित क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों की जानकारी का कोई ब्योरा दर्ज नहीं है।
हैरत की बात यह है कि जिला प्रशासन की इस बाबत बेरुखी ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है। कायदे से प्रत्येक किराएदार अथवा बाहरी राज्य से आकर रह रहे व्यक्ति का पूरा ब्योरा संबंधित थाने में पंजीकृत होना चाहिए, लेकिन इस मामले में पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर नगर परिषद के पार्षदों, पदाधिकारियों अथवा पुलिस विभाग का ढुलमुल रवैया सबसे बड़ी चिंता का विषय है।
पुलिस थाना मैहतपुर में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक साल 2023 में केवल 24 प्रवासी लोगों के नाम ही पंजीकृत हुए। वहीं, इस वर्ष में अभी तक 16 लोगों के नाम पते ही पंजीकृत हुए हैं। इस सरहदी क्षेत्र में देखें तो हजारों की तादाद में बाहरी राज्यों के लोग आकर रह रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि लगभग हर पंचायत में प्रवासी लोगों ने किराये के मकान ले रखे हैं। उनके पास आधार कार्ड से लेकर अन्य दस्तावेज भी हैं, लेकिन न मकान मालिक और न किरायेदार पुलिस थाना में अपने नाम पते की जानकारी दे रहे हैं और न पुलिस विभाग इस मामले को लेकर सख्त रुख अख्तियार कर रहा है। नगर परिषद मैहतपुर बसदेहड़ा में ही सैकड़ों किरायेदार डेरा डाले हुए हैं, लेकिन थाने में नाम-पते किसी के दर्ज नहीं हैं। यही हाल ग्राम पंचायतों का भी है। ग्राम पंचायत में भी बाहरी राज्यों से आकर रह रहे लोगों के आधार कार्ड से लेकर राशन कार्ड तो बनाए जा रहे हैं, लेकिन उन लोगों की जानकारी पुलिस थाना में रजिस्टर्ड करवाने में पंचायत प्रतिनिधि भी कोताही ही बरत रहे हैं। मैहतपुर पुलिस थाने में निरीक्षक राकेश शर्मा ने बताया कि लोगों को इस बाबत जागरूक करने की आवश्यकता है।
-
व्यापार मंडल के प्रधान सुभाष ऐरी नोनू ने कहा कि यह चिंता की बात है और स्थानीय लोगों के लिए खतरे की घंटी भी है। कहा कि किरायेदार रखते समय उनकी जानकारी पुलिस थाने में अवश्य देनी चाहिए। इससे मकान मालिकों का ही फायदा है।
-
एसडीएम ऊना विश्व मोहन देव चौहान ने कहा कि इस बाबत सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि लोग किराएदार रखने पर उनके नाम-पते अवश्य रूप से संबंधित थाने में दर्ज करवाएं।